रुद्रप्रयाग। जनपद के अगस्त्यमुनि नगर क्षेत्र में सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश करते हुए नगर पंचायत अगस्त्यमुनि ने “आरआरआर सेंटर – नेकी की दीवार” की अनूठी पहल शुरू की है। “रिड्यूस, रियूज, रिसाइकल” की अवधारणा पर आधारित यह केंद्र जरूरतमंदों के लिए मदद का सहारा बनने के साथ-साथ स्वच्छता और संसाधन संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
नगर पंचायत कार्यालय के समीप स्थापित इस आरआरआर सेंटर में नगरवासी अपने घरों में मौजूद अनुपयोगी लेकिन उपयोग योग्य वस्तुएँ जमा कर सकते हैं, जबकि जरूरतमंद लोग इन्हें निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। केंद्र में कपड़े, जूते-चप्पल, खिलौने, किताबें, बर्तन, प्लास्टिक सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित विभिन्न घरेलू उपयोग की वस्तुओं के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, जिससे संग्रहण और वितरण सुव्यवस्थित तरीके से हो सके।
इस पहल का उद्देश्य केवल पुराने सामान का पुनः उपयोग करना नहीं, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करना भी है। “जो आपके पास अधिक है, यहाँ छोड़ जाएँ… जो आपकी जरूरत का है, यहाँ से ले जाएँ” की सोच इस अभियान की आत्मा बन चुकी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र गोस्वामी ने कहा कि यह केंद्र केवल वस्तुओं के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों के घरों में ऐसी वस्तुएँ पड़ी रहती हैं जो उनके लिए अनुपयोगी हो जाती हैं, लेकिन वही सामान किसी जरूरतमंद के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। “नेकी की दीवार” के माध्यम से जरूरतमंदों तक सम्मानपूर्वक सहायता पहुँचाने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे इस अभियान से अधिक से अधिक जुड़ें और उपयोग योग्य वस्तुएँ आरआरआर सेंटर में जमा कर समाजहित में योगदान दें।
स्थानीय नागरिकों ने भी नगर पंचायत की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम बताया। लोगों का कहना है कि यदि इस प्रकार की पहल अन्य नगर क्षेत्रों में भी शुरू की जाए तो संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सकती है और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक सहायता मिल सकेगी। अगस्त्यमुनि का यह “नेकी की दीवार” अभियान अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और समाज सेवा की नई मिसाल के रूप में उभर रहा है।