रुद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर शासन स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव विनीत कुमार ने जनपद का एक दिवसीय दौरा कर यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले हर हाल में सड़कें पूरी तरह दुरुस्त होनी चाहिए।
अपर सचिव ने रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक के मोटर मार्ग का विशेष निरीक्षण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाबा केदार के दर्शन को आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क मार्ग पर कहीं भी गड्ढे, क्षतिग्रस्त पैराफिट, कमजोर क्रैश बैरियर या बिना संकेतक वाले खतरनाक मोड़ नहीं रहने चाहिए। डामरीकरण, साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा दीवारों का कार्य समय से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जीएमवीएन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग श्रीनगर डिवीजन के अंतर्गत यात्रा रूट पर 35 स्थानों पर कार्य प्रगति पर हैं। इनमें से 12 स्थानों पर कार्य यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि शेष कार्यों को दिसंबर तक पूर्ण करने की समयसीमा तय की गई है। हालांकि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिकतम कार्य बदरी-केदार यात्रा से पहले ही पूर्ण किए जाएं, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।
यात्रा मार्ग के सभी डेंजर जोन चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील ढलानों की सुरक्षा, बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और मार्ग चौड़ीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता में रखा गया है। अपर सचिव ने स्पष्ट कहा कि लोनिवि और एनएच के बीच समन्वय में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से समझौता करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अपर सचिव ने आश्वस्त किया कि श्री बदरी-केदारनाथ धाम यात्रा से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी, ताकि यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित हो सके।
अब प्रशासन की तैयारियों की असली परीक्षा यात्रा शुरू होते ही होगी। समय कम है, जिम्मेदारी बड़ी है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि।
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