Feb 19, 2026

रामकृष्ण मिशन ने 23 टीबी रोगियों को बांटी पोषण किट, स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों को किया जागरूक,

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मिशन के सचिव बोले सेवा ही हमारा धर्म

रुद्रप्रयाग। रामकृष्ण मिशन आश्रम, देहरादून की ओर से जनपद में मानवता की सेवा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के साथ मिलकर आश्रम ने जिले के 23 टीबी मरीजों को विशेष पोषण किट वितरित की। इस पहल का उद्देश्य मरीजों के उपचार के दौरान उनकी शारीरिक शक्ति को बढ़ाना और उन्हें सामाजिक संबल प्रदान करना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजिक कार्यकर्ता प्रवीन रावत ने मरीजों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी का इलाज केवल दवाइयों तक सीमित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उचित आहार और नियमित दवा का सेवन करने से मरीज बहुत जल्द सामान्य जीवन में लौट सकते हैं। उन्होंने मिशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणा बताया।

आश्रम की ओर से वितरित की गई प्रत्येक किट में दाल, चावल, आटा, खाद्य तेल, गुड़, चना और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल थे। स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों को दवा लेने के समय और खान-पान के अनुशासन के बारे में विस्तार से समझाया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस प्रकार के सहयोग से जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को एक नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के केंद्र में रामकृष्ण मिशन आश्रम, देहरादून के सचिव स्वामी असीमतमानंद महाराज का संदेश रहा। उन्होंने कहा कि टीबी समाज के लिए एक चुनौती है, जिसका समाधान केवल दवा नहीं बल्कि समाज की संवेदनशीलता है।

जब हम किसी मरीज की मदद करते हैं, तो हम उसे जीवन की नई शक्ति प्रदान करते हैं। हमारा संकल्प है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे। सेवा ही हमारी साधना है। - स्वामी असीमतमानंद महाराज

कार्यक्रम को सफल बनाने में रामकृष्ण मिशन विवेकानंद नेत्रालय की टीम से हनुमंत पवार और अनूप पवार ने सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी टीम ने फील्ड स्तर पर मरीजों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को व्यवस्थित किया। स्थानीय लोगों ने आश्रम के इस निस्वार्थ सेवा कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।