रुद्रप्रयाग। जनपद को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में नार्को समन्वय केंद्र की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मादक पदार्थों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने और सभी विभागों को समन्वय के साथ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनपद में भांग की अवैध खेती, नशे के कारोबार और प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाए। आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा गया कि नशे से संबंधित किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और आमजन के बीच जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही नियमित चेकिंग, छापेमारी और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बंजर भूमि पर भांग की अवैध खेती को रोकने के लिए ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर वैकल्पिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। शिक्षा विभाग को सभी विद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर निरंतर जागरूकता अभियान चलाने, विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाने और नियमित काउंसलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्कूल परिसरों के 100 मीटर दायरे में मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया। चिकित्सा विभाग को प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाइयों की सूची तैयार कर संबंधित प्रतिष्ठानों को उपलब्ध कराने तथा उनकी अवैध बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए। सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
परिवहन विभाग को सार्वजनिक वाहनों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं वन विभाग को वन क्षेत्रों में अवैध भांग और अन्य नशीली फसलों की खेती पर नजर रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी भगत सिंह फोनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।