केदारनाथ धाम में पहली बार होगा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’, तैयारियां तेज
रुद्रप्रयाग। हिमालय की पावन वादियों में स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम आगामी 11 जून को एक ऐतिहासिक और गौरवशाली आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। पहली बार बाबा केदार की दिव्य धरा पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भव्य एवं अलौकिक आयोजन किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम को लेकर शासन और प्रशासन ने तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सचिव युगल किशोर पंत ने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम में इस पर्व का आयोजन देशभर के श्रद्धालुओं और सनातन संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध, सुव्यवस्थित और भव्य स्तर पर सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत अनुभव मिल सके।
बैठक में कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा, मंच व्यवस्था, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं लाइव प्रसारण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की हों। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर भी जोर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशानुसार सोमनाथ मंदिर पर प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष तथा मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष पहली बार श्री केदारनाथ धाम में यह आयोजन धार्मिक भव्यता, सांस्कृतिक गरिमा और राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय संगम के रूप में मनाया जाएगा। माना जा रहा है कि यह आयोजन केदारनाथ यात्रा के इतिहास में एक नई सांस्कृतिक पहचान स्थापित करेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, अधिशासी अभियंता राजविंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।