ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। 11 गांवों की आराध्य देवी भगवती राज-राजेश्वरी की तपस्थली तालतोली में आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक मेले का श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ भव्य समापन हो गया। मेले के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा, जहां दूर-दूर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मेले के दोनों दिनों में पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष धूम रही। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवती राज-राजेश्वरी की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और देवी स्तुति से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। समापन अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।
मेले के सफल आयोजन में आयोजन समिति और स्थानीय ग्रामीणों की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय महिला मंगल दलों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक भजनों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया, वहीं पारंपरिक लोकगीतों और नृत्यों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी ने मेले के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि तालतोली की वादियों में दो दिनों तक गूंजता भक्तिमय माहौल लंबे समय तक लोगों के मन में बना रहेगा।
इस अवसर पर मेला समिति अध्यक्ष कलम सिंह राणा, उपाध्यक्ष दयाल सिंह राणा, मंत्री दौलत सिंह रावत, उपमंत्री आनन्द सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष देवी प्रसाद बगवाड़ी, अवतार सिंह नेगी, दान सिंह धिरवाण, भरत सिंह राणा, ओकार धिरवाण, हुक्म सिंह पंवार, सुरेन्द्र सिंह बाजपेई, मेहरबान सिंह नेगी, गोपाल सिंह धिरवाण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व श्रद्धालु उपस्थित रहे।