हरिद्वार। छह साल पुराने नाबालिग अपहरण मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर में बड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़िता और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि कथित अपहरणकर्ता और युवती पिछले कई वर्षों से पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे और उनके तीन बच्चे भी हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में मुंबई के डोंबिवली रेलवे पुलिस स्टेशन में एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। परिजनों की शिकायत पर मामला बाद में अपहरण की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया। लंबे समय तक कोई सुराग न मिलने के बाद भी पुलिस जांच जारी रही। 13 फरवरी 2026 को मुंबई के डोंबिवली पुलिस की टीम उत्तराखंड पहुंची और लक्सर कोतवाली पुलिस से संपर्क किया। टीम ने सूचना दी कि वर्ष 2019 के अपहरण मामले से जुड़ी युवती वर्तमान में लक्सर के खड़ंजा कुतुबपुर गांव में रह रही है। इसके बाद संयुक्त टीम ने गांव में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 22 वर्षीय युवती और 26 वर्षीय युवक साबिर को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, युवती ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2019 में वह अपने प्रेमी के साथ मुंबई से चंडीगढ़ चली गई थी, जहां कथित रूप से उसे छोड़ दिया गया। घर लौटने की स्थिति न होने पर उसकी मुलाकात चंडीगढ़ में काम कर रहे लक्सर निवासी साबिर से हुई। दोनों ने निकाह किया और बाद में लक्सर आकर साथ रहने लगे। इस दौरान युवती ने तीन बच्चों को जन्म दिया और गांव में दूसरे नाम से रह रही थी।लक्सर कोतवाली प्रभारी प्रवीण कोश्यारी ने बताया कि मुंबई पुलिस युवती, उसके बच्चों और आरोपी साबिर को अपने साथ मुंबई ले गई है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि समय की धूल में दबे मामलों को भी पुलिस तकनीकी और जमीनी जांच के जरिए उजागर करने में सफल हो रही है। अब छह साल पुराने इस प्रकरण में अदालत में आगे की सुनवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की कानूनी तस्वीर साफ हो सकेगी।