May 21, 2026

धुएं की चादर में ढका रुद्रप्रयाग, जंगलों की आग और वाहनों के दबाव से बढ़ा पारा’

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अस्पतालों में बढ़े सांस और आंखों में जलन के मरीज, 


रुद्रप्रयाग। जनपद इन दिनों जंगलों की आग और उससे उठने वाले धुएं की गंभीर समस्या से बुरी तरह जूझ रहा है। चारों ओर के जंगलों में लगी भीषण आग के कारण पूरा क्षेत्र धुएं की घनी चादर में ढक गया है। आलम यह है कि पहाड़ और घाटियां धुएं से पूरी तरह पैक नजर आ रही हैं, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो गई है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि सुबह दस बजे के बाद ही तापमान 30 से 350 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। वहीं, दूसरी ओर चारधाम यात्रा के चलते सड़कों पर वाहनों का लगातार बढ़ता दबाव इस गर्मी और प्रदूषण को और अधिक हवा दे रहा है।
जनपद में जंगलों के धधकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि, कुछ दिन पहले हुई बारिश से वनाग्नि पर कुछ हद तक काबू जरूर पाया गया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जारी तेज धूप और बढ़ती गर्मी के चलते जंगलों में दोबारा आग भड़क उठी है। जंगलों से उठ रहा धुआं अब पूरी घाटी में फैल चुका है, जिससे समूचा वातावरण प्रदूषित हो गया है।
गर्मी और धुएं के इस दोहरे सितम का सीधा असर अब आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। स्थानीय जिला चिकित्सालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में लगातार जलन और अत्यधिक गर्मी से जुड़ी अन्य परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। इसके अलावा, केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाएं भी इस घने धुएं और कम विजिबिलिटी के बीच जोखिम उठाकर उड़ान भरने को मजबूर हैं।
वर्तमान में चारधाम यात्रा चरम पर है, जिसके चलते बद्रीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। एक ओर जंगलों में लगी आग सुलग रही है और दूसरी ओर हजारों वाहनों से निकलने वाला धुआं और हीट, दोनों मिलकर वातावरण को भट्टी की तरह गर्म बना रहे हैं। जंगलों की वनाग्नि और वाहनों के प्रदूषण के इस कॉम्बिनेशन ने जिले के मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
धुएं का असर इस कदर हावी है कि कई इलाकों में आधा किलोमीटर दूर तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा है। पहाड़, वादियां और गहरी घाटियां पूरी तरह धुएं की चादर में लापता हो चुकी हैं। इस विकट स्थिति के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन और वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी और आग बुझाने के दावों में जुटी हैं, लेकिन बढ़ती गर्मी और शुष्क मौसम के बीच जंगलों की यह आग उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।