आरसेटी को मिला अपना भवन, ग्रामीण युवाओं के हुनर को मिलेगी नई उड़ान,

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5.62 करोड़ की लागत से बने भवन में आधुनिक सुविधाएं, 

70 प्रशिक्षार्थियों के लिए निशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था,

रुद्रप्रयाग। ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), रुद्रप्रयाग को अपना भवन मिल गया है। करीब 5 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवनिर्मित भवन में प्रशिक्षणार्थियों के लिए आधुनिक एवं उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संस्थान में प्रशिक्षण के साथ ही दूर-दराज से आने वाले प्रतिभागियों के ठहरने और भोजन की भी निशुल्क व्यवस्था की गई है।

नवनिर्मित भवन में कंप्यूटर लैब, वर्कशॉप, दो डॉरमेट्री हॉल, किचन और आधुनिक क्लासरूम समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। करीब 70 प्रशिक्षणार्थियों के लिए निशुल्क आवास, भोजन और पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से प्रशिक्षण लेने पहुंचने वाले युवाओं एवं महिलाओं को विशेष सुविधा मिल रही है।

आरसेटी के निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि भवन का निर्माण ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) द्वारा किया गया है। भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से भूमि उपलब्ध कराई गई, जबकि भारतीय स्टेट बैंक ने वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं को उनकी रुचि, क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है।

संस्थान में विभिन्न ईडीपी (उद्यमिता विकास कार्यक्रम) सहित स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी देने के साथ ही व्यवसाय शुरू करने, बाजार की मांग समझने, वित्तीय प्रबंधन, उत्पाद की गुणवत्ता, विपणन और उद्यम संचालन की जानकारी भी दी जाती है।

नए भवन में उपलब्ध सुविधाओं से प्रशिक्षण व्यवस्था को भी मजबूती मिली है। कंप्यूटर लैब में डिजिटल एवं कंप्यूटर संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि वर्कशॉप के माध्यम से विभिन्न ट्रेडों में व्यावहारिक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। डॉरमेट्री हॉल की व्यवस्था से दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान रहने की समस्या से निजात मिली है।

आरसेटी के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को स्थानीय संसाधनों तथा बाजार की मांग के अनुरूप स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को अपने हुनर के आधार पर रोजगार अथवा स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि नए भवन में प्रशिक्षण के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हुआ है। निशुल्क रहने और भोजन की सुविधा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलने से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से न केवल उनके कौशल में वृद्धि हो रही है, बल्कि अपना रोजगार शुरू करने को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़  रहा है।