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मोहनखाल मोटर मार्ग की मांग को लेकर 74वें दिन भी धरना जारी

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शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान, तुंगनाथ और कार्तिक स्वामी सहित कई धार्मिक स्थलों को सड़क से जोड़ने की उठाई मांग

रुद्रप्रयाग/ ऊखीमठ ।मोहनखाल–किणझाणी–चोपता (तुंगनाथ) मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर मोहनखाल में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना 74वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मोटर मार्ग निर्माण को लेकर शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने इस सड़क को क्षेत्र के विकास, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय स्वरोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

 

आंदोलनकारियों का कहना है कि मोहनखाल–किणझाणी–चोपता मोटर मार्ग का निर्माण होने से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम सहित कार्तिक स्वामी, नागनाथ और वामनाथ जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

 

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क संपर्क बेहतर होने से क्षेत्र के धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थानों को व्यापक पहचान मिल सकेगी। साथ ही होटल, होम स्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री जैसी गतिविधियों के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

 

शासनादेश जारी होने तक जारी रहेगा धरना

 

रुद्रप्रयाग। धरनास्थल पर आंदोलनकारियों ने कहा कि मोटर मार्ग निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक शासनादेश जारी नहीं होने से क्षेत्रवासियों में निराशा है। उन्होंने कहा कि यह मांग केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र की जनसुविधाएं, आर्थिक गतिविधियां और विकास की संभावनाएं भी जुड़ी हुई हैं।

 

आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र की जरूरतों और ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए मोटर मार्ग निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने दोहराया कि शासनादेश जारी होने तक अनिश्चितकालीन धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।

 

तीर्थाटन और पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

 

रुद्रप्रयाग। ग्रामीणों का मानना है कि मोहनखाल–किणझाणी–चोपता मोटर मार्ग क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने में अहम साबित हो सकता है। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होने के साथ स्थानीय संस्कृति, धार्मिक विरासत और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आंदोलन के 74वें दिन भी धरना जारी रहने के बीच ग्रामीणों की निगाहें अब शासन के निर्णय पर टिकी हैं।

 

इस मौके पर राजीव नेगी, गोविन्द प्रसाद, राकेश सिंह, प्रदीप, अनिल सिंह राणा, व्यापार संघ अध्यक्ष धर्मेन्द्र बिष्ट, विशाल सिंह, अमर सिंह, प्रताप सिंह, दर्शन सिंह बिष्ट, हरीश नेगी, प्रेम सिंह, संजय सिंह और ललित मोहन सिंह सहित दर्जनों आंदोलनकारी मौजूद रहे।