रुद्रप्रयाग। नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण में एक बार फिर नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने क्षेत्र में चर्चाओं और प्रतिक्रियाओं का दौर तेज कर दिया है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि एक निहंग सिख द्वारा गढ़वाली समाज के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि नगरासू गुरुद्वारा में कई दिनों तक चले घटनाक्रम के बाद संबंधित निहंग सिख नीचे उतरे और इसी दौरान कथित रूप से विवादित टिप्पणियां की गईं। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है तथा सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस बीच युवा नेता मोहित डिमरी ने भी पूरे प्रकरण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि उपद्रव और हिंसा के आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तथा दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो जनता के सहयोग से लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन और चक्का जाम जैसे कार्यक्रमों पर विचार किया जाएगा।
मोहित डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की भूमि है, जहां सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान किया जाता है। लेकिन कानून को चुनौती देने वाली किसी भी हिंसक या उग्र गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जनता के न्याय, सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की मांग की।
फिलहाल नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी शांति बनाए रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।