Aug 19, 2026

नंदी पर धारदार हथियार से हमला, पीठ पर किए गहरे वार,

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रुद्रप्रयाग शहर में रात के अंधेरे में वारदात, सुबह घायल अवस्था में मिला नंदी, पशुपालन विभाग और गौ रक्षा टीम ने पहुंचकर किया उपचार,

 

आरोपी की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग, गौ रक्षा विभाग ने घटना को बताया मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य,

 

रुद्रप्रयाग। बाबा केदार की नगरी रुद्रप्रयाग में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। शहर में निराश्रित घूम रहे एक नंदी पर अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। नंदी की पीठ पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के कारण गहरे घाव हो गए। घटना रात के समय की बताई जा रही है। सुबह जब स्थानीय व्यापारियों की नजर घायल नंदी पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पशुपालन विभाग और गौ रक्षा विभाग को दी।

सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग के फार्मासिस्ट इंद्रजीत तथा गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायल और डरे हुए नंदी को नियंत्रित करने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद नंदी को बेहोशी का इंजेक्शन देकर सुरक्षित तरीके से उसके घावों का उपचार किया गया। उपचार के दौरान उसकी पीठ पर गहरे जख्म पाए गए, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि उस पर किसी धारदार वस्तु से हमला किया गया था।

पशुपालन विभाग के फार्मासिस्ट इंद्रजीत ने बताया कि नंदी के घायल होने की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक उपचार किया गया। उन्होंने कहा कि पशुओं के साथ इस प्रकार की क्रूरता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। घायल नंदी की स्थिति पर भी निगरानी रखी जा रही है। गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी ने घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि बाबा केदार की भूमि में नंदी जैसे पूजनीय पशु को इस तरह घायल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य है। उन्होंने कहा कि निराश्रित पशुओं की सुरक्षा समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की जांच कराने, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने तथा नंदी पर हमला करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बेजुबान पशु अपनी पीड़ा किसी के सामने व्यक्त नहीं कर सकता, ऐसे में उसके साथ हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भी नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन से शहर में घूम रहे निराश्रित गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग की है।