अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज अगस्त्यमुनि में विधिक साक्षरता शिविर, विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी,
रुद्रप्रयाग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में बुधवार को अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, अगस्त्यमुनि में एक दिवसीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को संविधान, कानून, मौलिक अधिकारों एवं नागरिक कर्तव्यों की जानकारी देकर उनमें विधिक जागरूकता विकसित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक नागरिक को कानून की मूलभूत जानकारी होना आवश्यक है। विधिक जागरूकता व्यक्ति को अपने अधिकारों की रक्षा करने के साथ ही अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने में सक्षम बनाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बाल अधिकार, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव, घरेलू हिंसा, बाल विवाह निषेध, दहेज प्रतिषेध सहित विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होने अथवा कानूनी सहायता की आवश्यकता पड़ने पर वह टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकता है।
शिविर में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अनजान व्यक्तियों के साथ व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी साझा न करने, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने तथा साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
इस दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्र-छात्राओं ने दहेज प्रथा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, महिला अधिकार, साइबर ठगी तथा निःशुल्क कानूनी सहायता से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल एवं सहज भाषा में उत्तर दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विधिक जानकारी प्राप्त कर विद्यार्थी न केवल अपने अधिकारों के प्रति सजग बनते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक भी बन सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को विभिन्न कानूनों एवं विधिक अधिकारों से संबंधित पैंफलेट वितरित किए गए। शिविर में अधिवक्ता देवेंद्र बिष्ट, रिटेनर लॉयर यशोदा खत्री, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने, कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।