Jul 31, 2026

केदारनाथ पैदल मार्ग पर फिर भूस्खलन, गौरीकुंड गेट से 200 मीटर आगे मार्ग बाधित,

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भारी मलबा और बोल्डर गिरने से यात्रियों की आवाजाही रोकी गई, देर शाम अस्थायी रूप से बहाल हुआ मार्ग,

रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुरुवार को एक बार फिर भूस्खलन होने से यात्रा प्रभावित हो गई। गौरीकुंड गेट से लगभग 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल आवाजाही रोक दी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों, पुलिस, डीडीआरएफ तथा अन्य राहत एवं बचाव दलों को तत्काल मौके पर भेजा गया। मार्ग से मलबा हटाने और आवाजाही बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया, लेकिन लगातार हो रही वर्षा और पहाड़ी से रुक-रुक कर गिर रहे मलबे व पत्थरों के कारण राहत एवं बहाली कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि गुरुवार सायंकाल मार्ग को अस्थायी रूप से आवाजाही योग्य बना दिया गया, जिसके बाद केदारनाथ धाम से लौट रहे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। हालांकि, मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें, बिना अनुमति के आगे बढ़ने का प्रयास न करें तथा जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही सुचारु रूप से प्रारंभ कराई जाएगी।

लगातार सक्रिय मानसून के चलते केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रशासन यात्रियों से मौसम और यात्रा संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने तथा अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील कर रहा है।