Aug 01, 2026

तुंगनाथ घाटी में आफत की बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त

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कुण्ड–चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर जोखिमभरा, ढिलाणा प्राथमिक विद्यालय खतरे की जद में,

ताला तोक में फिर सक्रिय हुआ भू-धंसाव, राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण,

रिपोर्ट : लक्ष्मण सिंह नेगी 

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। तुंगनाथ घाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। क्षेत्र के कई गांवों में भूस्खलन और भू-धंसाव की घटनाएं बढ़ने से लोगों की चिंताएं गहरा गई हैं। वहीं कुण्ड–चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह मलबा और पत्थर गिरने से यातायात बार-बार बाधित हो रहा है, जिससे इस मार्ग पर सफर करना जोखिमभरा बन गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग मार्ग को सुचारु रखने में लगातार जुटे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण बार-बार मलबा आने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

सबसे अधिक चिंता प्राथमिक विद्यालय ढिलाणा को लेकर है। विद्यालय परिसर के आसपास लगातार हो रहे भूमि कटाव से भवन खतरे की जद में आ गया है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने तथा सुरक्षा दीवार और भू-संरक्षण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो विद्यालय भवन को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

वहीं ग्रामीण प्रेम सिंह के मकान के निचले हिस्से में भी भूस्खलन होने से भविष्य में मकान के लिए खतरा उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है।

इधर, कुण्ड–चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर ताला तोक क्षेत्र में भू-धंसाव एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कई स्थानों पर जमीन में दरारें चौड़ी होने लगी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्राम प्रधान प्रतिपाल बजवाल ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर स्थायी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बारिश के चलते स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

आपदा की सूचना मिलने पर राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। राज्य मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जहां भी भूस्खलन और भू-धंसाव की स्थिति है, वहां तत्काल राहत एवं सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुण्ड–चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा हटाने के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मार्ग को जल्द से जल्द पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह सतर्क और तैयार रहें।

ग्रामीणों ने राज्य मंत्री के समक्ष ढिलाणा प्राथमिक विद्यालय की सुरक्षा, ताला तोक के भू-धंसाव के स्थायी समाधान, सुरक्षात्मक दीवारों के निर्माण तथा जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग रखी। इस पर राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर शासन स्तर पर भी प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

निरीक्षण के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र नेगी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव भट्ट सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।