रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा के सफल और सुगम संचालन को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर यात्रा व्यवस्थाओं और अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। 22 अप्रैल से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक साढ़े पांच लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अब तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं का लाभ दिया गया है, जबकि 51,939 यात्रियों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर और 70 यात्रियों को दंडी-कंडी के माध्यम से सुरक्षित रेस्क्यू कर उच्च चिकित्सालयों में पहुंचाया गया है।
स्वच्छता के लिए व्यापक अभियान
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग को स्वच्छ रखने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं। पैदल मार्ग पर 412 पर्यावरण मित्र और 30 सुपरवाइजर तैनात हैं।350 से अधिक शौचालय और 600 से अधिक डस्टबिन स्थापित किए गए हैं। कॉम्पैक्टर मशीनों के जरिए कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 64 टन ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए भेजा जा चुका है।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में सख्ती
रुद्रप्रयाग। पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि धाम और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध सामग्री रोकने के लिए वाहनों और यात्रियों के सामान की सघन चेकिंग की जा रही है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर अप्रैल माह में 409 वाहनों का चालान कर 11.03 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। सुरक्षा के लिए 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मुस्तैद हैं। पुलिस द्वारा स्थापित 7 'खोया-पाया' केंद्रों ने बेहतरीन काम करते हुए 180 बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया है, साथ ही 5 मोबाइल फोन और 60 पर्स/बैग भी लौटाए हैं।
हेली सेवा और पशुओं की देखभाल
रुद्रप्रयाग। हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह से मौसम की अनुकूलता पर निर्भर है। अब तक 18,840 यात्री हेलीकॉप्टर के जरिए धाम पहुंच चुके हैं। इसके अलावा, प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा है। उनका लगातार चिकित्सा परीक्षण किया जा रहा है और उनके लिए गर्म पानी की समुचित व्यवस्था की गई है।
प्रेस वार्ता के अंत में अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।