Feb 24, 2026

केदारनाथ यात्रा : घोड़ा-खच्चरों का बीमा, फिटनेस और पंजीकरण 26 फरवरी से,, पशुपालन विभाग ने कसी कमर, लगेंगे विशेष शिविर

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 बीमा प्रीमियम केवल ऑनलाइन,,
रूद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की आगामी यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ पशुपालन विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के बीमा, फिटनेस परीक्षण और पंजीकरण की प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू की जाएगी।
पशुपालन विभाग के अनुसार, विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी यात्रा प्रारंभ होने से लगभग डेढ़ माह पूर्व यह प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। होली तक तीन से चार विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। होली अवकाश के बाद पुनः शिविर लगाए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक पशुपालक समय पर अपने घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण करा सकें।
पशुपालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन दो कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण (फिटनेस), बीमा और पंजीकरण की समस्त औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रा में संचालित होने वाले सभी घोड़े-खच्चरों का बीमा अनिवार्य रहेगा। बिना बीमा और फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी पशु को यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव गोयल ने बताया कि केदारनाथ यात्रा में घोड़े-खच्चरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हजारों श्रद्धालु गौरीकुंड से केदारनाथ तक की कठिन पैदल यात्रा इन्हीं पशुओं के माध्यम से पूरी करते हैं। ऐसे में उनका स्वस्थ, सुरक्षित और पंजीकृत होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पशुपालकों से वे निर्धारित तिथियों पर कैंप में पहुंचकर समय से सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने की अपील की, जिससे यात्रा संचालन सुचारु रूप से संपन्न हो सके। केदारनाथ यात्रा की तैयारियों के बीच पशुपालन विभाग की यह पहल यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


कैश भुगतान नहीं, ऑनलाइन होगा बीमा प्रीमियम,,
रूद्रप्रयाग। पशु पालन विभाग ने पारदर्शिता और सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए इस बार बीमा प्रीमियम का भुगतान पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से करने का निर्णय लिया है। कैंपों में किसी भी प्रकार का नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।