Feb 25, 2026

डीएम विशाल मिश्रा ने नमामि गंगे कार्यों की समीक्षा की, रुद्रप्रयाग में निखरेंगे नदियों के घाट,  रिवर फ्रंट पर हर शाम होगी भव्य आरती

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नदियों की निर्मलता पर प्रशासन सख्त,
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बिछेगा बायो-टॉयलेट्स का जाल“
नालों की टैपिंग करने कड़े निर्देश


केदारनाथ धाम आने वाले तीर्थयात्रियों को मिलेगी स्वच्छ और सुव्यवस्थित सुविधाएं
रुद्रप्रयाग। जनपद की नदियों की निर्मलता बनाए रखने और आगामी विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा को स्वच्छ व सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिला सभागार में ’जिला गंगा संरक्षण समिति’ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने नमामि गंगे के कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए गए कि नदियों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बैठक में जनपद के विभिन्न सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सिंचाई और जल संस्थान के अधिकारियों से नदियों की वर्तमान स्थिति और नालों की टैपिंग को लेकर जवाब-तलबी की। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन नालों की टैपिंग का कार्य अभी अवशेष है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इसके साथ ही, यात्रा मार्ग पर शौचालयों की स्थिति का आकलन कर जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए।
आगामी केदारनाथ यात्रा के दौरान गौरीकुंड और सीतापुर जैसे पड़ावों पर बाहरी और नेपाली मूल के श्रमिकों की भारी संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि मानवीय दबाव बढ़ने से नदियों के दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके समाधान के लिए यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में बायो-टॉयलेट्स स्थापित करने, इन क्षेत्रों में शौचालयों के नियमित रखरखाव और सफाई के लिए विशेष टीमें तैनात करने व ठोस एवं तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण करने के निर्देश दिए। 
जनपद की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को विश्व पटल पर उभारने के लिए जिलाधिकारी ने रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन करें, ताकि वहां प्रतिदिन सायंकाल भव्य आरती का आयोजन किया जा सके। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी एक दिव्य अनुभव प्राप्त होगा।
डीएम ने कहा कि नदियों को स्वच्छ रखना केवल सरकारी विभागों का काम नहीं, बल्कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ’गंगा ग्राम’ विकसित करने और जैव विविधता संरक्षण के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुरूप कार्य करने पर भी बल दिया गया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उप वन संरक्षक रजत सुमन, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, एसडीएम जखोली अनिल रावत, और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।