आभा आईडी लिंकेज में तेजी लाने के निर्देश, दो सप्ताह में लक्ष्य पूरा करने की डेडलाइन,

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95 हजार से अधिक पंजीकरण, 25 हजार आभा आईडी ही हुईं लिंक, एनसीडी कार्यक्रम में धीमी प्रगति पर सीएमओ नाराज

 

रुद्रप्रयाग। गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान आभा आईडी को एनसीडी पोर्टल से लिंक करने की धीमी प्रगति पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारूल गोयल ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को अभियान चलाकर आगामी दो सप्ताह में निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि दो सप्ताह बाद कार्यक्रम की दोबारा समीक्षा की जाएगी और अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सीएचओ के साथ वर्चुअल बैठक कर जनपद में संचालित एनसीडी कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। कार्यक्रम समन्वयक विजय रावत ने बताया कि जनपद में 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत अन्य गैर संचारी रोगों की पहचान के लिए नियमित स्क्रीनिंग की जा रही है। अब तक 95,123 लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि इनमें से 25,647 लोगों की आभा आईडी एनसीडी पोर्टल से लिंक की गई हैं।

 

सीएमओ ने कहा कि एनसीडी मरीजों की बेहतर निगरानी और उपचार की निरंतरता के लिए डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने सीएचओ को अपने-अपने क्षेत्रों में 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नियमित स्क्रीनिंग करने और रोगियों को आवश्यक उपचार व परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

बैठक में मुख, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग में तेजी लाने तथा संदिग्ध मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने को कहा गया। साथ ही लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

 

सीएमओ ने स्क्रीनिंग और उपचार से संबंधित आंकड़ों की समयबद्ध एवं सही ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करने को भी कहा। बैठक में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आवश्यक दवाओं, बीपी जांच उपकरण, ग्लूकोमीटर समेत अन्य संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। कम प्रगति वाले क्षेत्रों की विशेष समीक्षा करते हुए संबंधित सीएचओ को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।

 

उन्होंने कहा कि दो सप्ताह बाद एनसीडी कार्यक्रम की पुनः समीक्षा होगी। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।