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क्यूंजा क्षेत्र में पशुधन को संक्रामक रोगों से बचाने की पहल, 193 भेड़-बकरियों का टीकाकरण,

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पीपीआर रोग की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने चलाया टीकाकरण अभियान, सात पशुपालक लाभार्थियों को मिला लाभ,

रुद्रप्रयाग। पशुधन को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने और ग्रामीण पशुपालकों की आजीविका को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार 11 अक्टूबर को क्यूंजा क्षेत्र में पशुचिकित्सालय की टीम ने भेड़-बकरियों को पीपीआर (पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स) जैसे संक्रामक रोग से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 193 पशुओं का टीकाकरण किया गया, जिसमें 140 बकरियां और 53 भेड़ें शामिल हैं। अभियान से सात पशुपालक लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के नेतृत्व तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष कुमार रावत के निर्देशों के क्रम में यह अभियान संचालित किया गया। पशुचिकित्सालय क्यूंजा क्षेत्रांतर्गत पशुचिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका पुंडीर और मोबाइल वेटरनरी यूनिट की प्रभारी डॉ. वंदना ने टीकाकरण कार्य संपन्न कराया।

पीपीआर भेड़-बकरियों में होने वाला एक संक्रामक विषाणुजनित रोग है, जो पशुधन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इस रोग की रोकथाम में समय पर टीकाकरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में विभाग की ओर से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान पशुपालकों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने और पशुधन के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में भेड़-बकरी पालन अनेक ग्रामीण परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के लिए समय पर टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच और पशु चिकित्सकों की सलाह का पालन करना आवश्यक है। क्यूंजा क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान पशुधन संरक्षण और पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में विभागीय प्रयासों को दर्शाता है।