रुद्रप्रयाग। जनपद के तिलवाड़ा क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे हो रही अवैध पहाड़ कटाई का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यहां नेशनल हाईवे के निर्धारित मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर धड़ल्ले से पहाड़ काटे जा रहे हैं, जबकि नेशनल हाईवे और संबंधित विभागों की चुप्पी ने लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
मानकों की खुलेआम अनदेखी
स्थानीय लोगों का कहना है कि तिलवाड़ा में हो रही इस कटाई में न तो हाईवे से तय दूरी का पालन किया जा रहा है और न ही पर्यावरणीय बफर जोन का। भारी मशीनों और अन्य वाहनों की लगातार आवाजाही से न केवल हाईवे की सड़क को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि सड़क सुरक्षा नियमों की भी अनदेखी हो रही है।
इससे क्षेत्र में मिट्टी का कटाव, धूल-प्रदूषण बढ़ गया है और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
हिमालयी क्षेत्र होने के कारण यहां भूस्खलन का जोखिम पहले से ही अधिक रहता है। ऐसे में यह अवैध कटाई न केवल हाईवे की सुरक्षा के लिए, बल्कि स्थानीय पर्यावरण, जल स्रोतों और जनजीवन के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।
NH का नोटिस, ज़मीनी असर शून्य–
सूत्रों के अनुसार, 19 जनवरी 2026 को NH की ओर से अवैध कटाई रोकने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कटिंग का काम बदस्तूर जारी है। स्थानीय लोग इसे विभागीय लापरवाही या मिलीभगत का परिणाम मान रहे हैं।
अब तक न तो NH और न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या ठोस कार्रवाई सामने आई है, जिससे जनता में असंतोष और गहराता जा रहा है।
अतिक्रमण पर कार्रवाई, कटाई पर चुप्पी क्यों?
दिसंबर 2025 में तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि बाजारों में पक्के अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया था, लेकिन हाईवे किनारे हो रही इस अवैध पहाड़ कटाई पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।
इससे विभाग के दोहरे मापदंडों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चारधाम परियोजना के तहत पहले भी हाईवे विस्तार में कटिंग के मानकों को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तिलवाड़ा में 14 मीटर तक कटिंग की जा रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों में 24 मीटर का मानक है ।स्थानीय लोगों की स्पष्ट मांग क्षेत्रवासियों और प्रभावित नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि—
एनएच विभाग तत्काल निष्पक्ष जांच शुरू करे।
अवैध कटाई पर तुरंत पूर्ण रोक लगाई जाए।
कटाई में लगी मशीनरी जब्त कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हाईवे से जुड़े सभी तकनीकी और पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला न केवल नेशनल हाईवे की संरचना और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनेगा, बल्कि पूरे रुद्रप्रयाग जिले में अवैध कटाई और खनन को बढ़ावा देने वाला खतरनाक उदाहरण भी बन सकता है।
जनता को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र संज्ञान लेगा और ठोस कार्रवाई कर हाईवे की सुरक्षा तथा लोगों का भरोसा कायम रखेगा।