मांगों पर एक माह में अमल नहीं हुआ तो 16 अक्टूबर को विकासखंड मुख्यालयों में तालाबंदी,

Blog
 Image

ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री को भेजा दस सूत्रीय ज्ञापन, मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने समेत पंचायतों को अधिकार और पर्याप्त वित्तीय संसाधन देने की मांग,

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। ग्राम प्रधान संगठन ने अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर शासन के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और प्रधानों की लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 16 अक्टूबर को प्रदेशभर के विकासखंड मुख्यालयों में एक दिवसीय सांकेतिक तालाबंदी कर प्रदर्शन किया जाएगा।

संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाना शामिल है। इसके अलावा मनरेगा में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था को पूरी तरह ऑफलाइन करने की मांग की गई है। प्रधानों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ऑनलाइन व्यवस्था के संचालन में व्यावहारिक दिक्कतें सामने आती हैं।

ज्ञापन में ग्राम पंचायतों को मिलने वाले राज्य और केंद्रीय वित्त के आवंटन में केवल जनसंख्या ही नहीं, बल्कि भौगोलिक परिस्थितियों को भी आधार बनाए जाने की मांग की गई है। संगठन ने पर्वतीय क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

प्रधानों ने पंचायतीराज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप सभी 29 विभागों को ग्राम पंचायतों के अधीन किए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पंचायतों को अधिकार, दायित्व और पर्याप्त वित्तीय संसाधन मिलने पर ही गांवों का समुचित और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास संभव है।

प्रधान संगठन ने कहा कि ग्राम प्रधान लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को शासन के समक्ष उठाते आ रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाई है। अब संगठन ने आंदोलन की समयबद्ध रणनीति तय की है। एक माह के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर 16 अक्टूबर को विकासखंड मुख्यालयों में तालाबंदी और सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा।

ज्ञापन पर संगठन के संरक्षक मनवर नेगी, अध्यक्ष त्रिलोक रावत, महामंत्री मदन भट्ट सहित प्रधान गडगू सरिता नेगी, उषाड़ा प्रतिपाल बजवाल, उनियाण बिशाम्बरी देवी, मक्कू सुनीता देवी, शेरसी वीरेंद्र प्रसाद, ब्यूग अनिल समेत क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर मौजूद थे।