रुद्रप्रयाग। स्नेह प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज परकंडी में बालिका जागरूकता एवं सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके सामाजिक एवं कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा बाल संरक्षण एवं सहायता तंत्र की जानकारी देकर उन्हें जागरूक और सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेश्वरी कुंवर, बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता मलासी, सहायक समाज कल्याण एकता तथा चिकित्सक डॉ. शालिनी बुटोला ने प्रतिभाग किया। विशेषज्ञों ने बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देने के साथ उनकी जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान भी किया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेश्वरी कुंवर ने कहा कि बालिकाओं के लिए अपने अधिकारों तथा सरकारी स्तर पर उपलब्ध सहायता एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी होना बेहद जरूरी है। जागरूक और आत्मविश्वासी बालिका ही अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा सकती है।
बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता मलासी ने समिति की भूमिका एवं कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए कहा कि संकट अथवा असुरक्षा की स्थिति में बच्चों के संरक्षण और उनके सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने बालिकाओं से किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति अथवा संबंधित विभाग को तत्काल जानकारी देने का आह्वान किया।
सहायक समाज कल्याण एकता ने बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और सहायता प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ लेने के लिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी होना आवश्यक है।
चिकित्सक डॉ. शालिनी बुटोला ने बालिकाओं को स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने तथा किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या को नजरअंदाज न करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बालिकाओं को बाल संरक्षण, कानूनी अधिकार, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें हिंसा, शोषण, उत्पीड़न अथवा किसी भी प्रकार की असुरक्षा की स्थिति में चुप न रहने और समय पर सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। स्नेह प्रोजेक्ट के तहत आयोजित यह कार्यक्रम बालिकाओं को जागरूक, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।