सिल्ली, अगस्त्यमुनि और विजयनगर में मिठाई, दूध व अन्य खाद्य पदार्थों की जांच, एक्सपायरी जीरा और पापड़ मौके पर ही नष्ट कराए,
रुद्रप्रयाग। दीपावली पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता की जांच को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बुधवार को सिल्ली, अगस्त्यमुनि और विजयनगर क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पांच प्रतिष्ठानों से मिठाई और दूध के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि एक दुकान में एक्सपायरी जीरा और पापड़ मिलने पर उन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनोज सेमवाल और फूड सुपरवाइजर सतवीर रावत के नेतृत्व में गठित टीम ने क्षेत्र के मिष्ठान भंडारों, परचून की दुकानों तथा डेयरी प्रतिष्ठानों के खुदरा और थोक विक्रेताओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान मिठाई की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और खाद्य पदार्थों की उपभोग अवधि का जायजा लिया गया। टीम ने सभी मिठाई विक्रेताओं की बिक्री ट्रे की भी जांच की। विभाग के अनुसार, मिठाई विक्रेताओं ने अब अपनी बिक्री ट्रे पर निर्माण तिथि और उपभोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है।
जांच के दौरान संदेह के आधार पर पांच प्रतिष्ठानों से बालूशाही, गुलाब जामुन, बेसन के लड्डू, बीकानेरी बर्फी और गाय के दूध के नमूने एकत्र किए गए। इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में स्वच्छता के मानक संतोषजनक नहीं पाए गए। इस पर संबंधित खाद्य कारोबारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए। वहीं, एक प्रतिष्ठान में जीरे के छोटे पैकेट और पापड़ एक्सपायरी पाए गए। विभागीय टीम ने संबंधित कारोबारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कालातीत खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि दीपावली और आगामी त्योहारों के दौरान आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता, गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की निर्माण एवं उपभोग तिथि संबंधी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

