जनपद स्तरीय युवा महोत्सव में लोकनृत्य, लोकगीत, नाटक, कविता लेखन और भाषण प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन,
विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में करेंगे प्रतिभाग,
रुद्रप्रयाग। युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में बुधवार को अगस्त्यमुनि स्थित इण्डोर स्टेडियम में जनपद स्तरीय युवा महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। महोत्सव में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे युवक-युवतियों ने लोकसंस्कृति, पारंपरिक कला और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में अगस्त्यमुनि के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई विधाओं में प्रथम स्थान हासिल किया।
विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और लोककलाएं हमारी विशिष्ट पहचान हैं। युवा महोत्सव जैसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और आधुनिक तकनीक के साथ अपनी लोकपरंपराओं एवं सांस्कृतिक धरोहर को भी आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत ने कहा कि युवा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता तथा प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को संरक्षित करने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि राज्य की लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक विधाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। युवा पीढ़ी को इन विधाओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है। सरकार युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने के लिए विभिन्न मंच उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए विजेताओं से राज्य स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की अपील की।
नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के अध्यक्ष ने कहा कि अगस्त्यमुनि क्षेत्र के युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने पर जोर दिया।
जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी वरद जोशी ने बताया कि जनपद स्तरीय युवा महोत्सव में सामूहिक लोकनृत्य, सामूहिक लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, कविता लेखन, भाषण, एकल गीत, शास्त्रीय संगीत और एकल लोकनृत्य सहित नौ विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।
प्रतियोगिताओं के परिणामों में सामूहिक लोकनृत्य में अगस्त्यमुनि ने प्रथम, जखोली ने द्वितीय और ऊखीमठ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सामूहिक लोकगीत में भी अगस्त्यमुनि प्रथम, जखोली द्वितीय और ऊखीमठ तृतीय स्थान पर रहे। नुक्कड़ नाटक में अगस्त्यमुनि ने प्रथम, ऊखीमठ ने द्वितीय और जखोली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
भाषण प्रतियोगिता में अगस्त्यमुनि की अनुष्का डिमरी ने प्रथम, जखोली की प्रिया ने द्वितीय और ऊखीमठ के आयुष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। एकल गीत में ऊखीमठ के शिवाय प्रथम, जखोली की बीना देवी द्वितीय और अगस्त्यमुनि की उमा देवी तृतीय स्थान पर रहीं। शास्त्रीय संगीत में अगस्त्यमुनि ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि एकल लोकनृत्य में अगस्त्यमुनि के सोनाली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
महोत्सव में निर्णायक मंडल की भूमिका राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि के असिस्टेंट प्रोफेसरों के साथ रागिनी नेगी, प्रधानाचार्या राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तथा केंद्रीय विद्यालय अगस्त्यमुनि के विवेक शर्मा ने निभाई। निर्णायकों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन कर परिणाम घोषित किए।

