Feb 08, 2026

सिंद्रवाणी त्रासदी पर जिला प्रशासन का संबल, डीएम ने परिजनों से की भेंट, राहत व सुरक्षा उपाय तेज, पीड़ित परिवार को 10 लाख की तात्कालिक सहायता

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रुद्रप्रयाग।

जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि अंतर्गत ग्राम सिंद्रवाणी (छिनका, नगरासू) में गुलदार के हमले में मृतक पांच वर्षीय बालक के परिजनों से जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने भेंट कर गहरी संवेदना व्यक्त की। जिलाधिकारी ने इस अत्यंत दुखद घटना पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि जिला प्रशासन इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

 

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मृतक बालक की माता के बैंक खाते में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास सुविधा प्रदान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। आवश्यकता पड़ने पर परिवार को गांव में ही सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की व्यवस्था किए जाने की भी बात कही। उन्होंने मृतक बालक की दो बहनों को राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा का लाभ दिलाने तथा मृतक के दादा-दादी को वृद्धावस्था पेंशन योजना से आच्छादित करने के निर्देश दिए।

 

ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने गांव एवं सड़क किनारे उगी झाड़ियों के तत्काल कटान के निर्देश दिए। इसके साथ ही गांव में पांच सोलर लाइट स्थापित कराई गई हैं तथा आवश्यकता अनुसार और सोलर लाइट लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। गांव के आसपास घेरबाड़ (फेंसिंग) कराने के निर्देश भी संबंधित विभाग को दिए गए हैं।

गुलदार की धरपकड़ के लिए वन विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों की राय को शामिल करते हुए विभिन्न स्थानों पर तीन पिंजरे लगाए गए हैं तथा पांच ट्रैप कैमरों की सहायता से गुलदार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग की गश्ती टीमें क्षेत्र में निरंतर गश्त कर रही हैं। इसके अतिरिक्त वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है, जो आगामी चार से पांच दिनों तक क्षेत्र में रहकर स्थिति की मॉनिटरिंग करेगी।

उल्लेखनीय है कि बीते दिन मंगलवार की देर सायं सिंद्रवाणी निवासी दक्ष (पुत्र हेमंत बिष्ट), उम्र लगभग 5–6 वर्ष, पर गुलदार ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी के नेतृत्व में सात अलग-अलग टीमों द्वारा सघन सर्च अभियान चलाया गया। रात्रि लगभग 11 बजे बच्चे का शव बरामद कर लिया गया।

सर्च अभियान में वन विभाग की तीन टीमें (कुल 20 कर्मी), डीडीआरएफ की दो टीमें, एसडीआरएफ की एक टीम, पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से शामिल रहीं। शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगली जानवरों की संभावित गतिविधियों को देखते हुए सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन अथवा वन विभाग को दें।