31 अगस्त तक पुल निर्माण पूरा होने का लक्ष्य, ट्रायल के बाद मिलेगा संचालन, रुद्रप्रयाग नगर में ट्रैफिक जाम से भी मिलेगी राहत,
रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में रुद्रप्रयाग जनपद में एक महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजना तेजी से अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने के लिए निर्मित 900 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि इसके साथ बनाया जा रहा 200 मीटर लंबा पुल भी अंतिम चरण में है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद बद्रीनाथ एवं केदारनाथ धाम आने-जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य 31 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद पुल की गुणवत्ता, संरचनात्मक मजबूती, सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप आवश्यक परीक्षण एवं ट्रायल किए जाएंगे। सभी मानकों पर सफल पाए जाने के बाद ही पुल को यातायात के लिए खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में रुद्रप्रयाग नगर से होकर गुजरने वाले वाहनों के कारण अक्सर यातायात का अत्यधिक दबाव बन जाता है, जिससे स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रियों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है। नई सुरंग और पुल के संचालन में आने के बाद वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी, यात्रा का समय घटेगा तथा नगर क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह परियोजना केवल एक सड़क संपर्क योजना नहीं, बल्कि चारधाम यात्रा की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में भी आवागमन अधिक सुगम होगा, जिससे यात्रा प्रबंधन और आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में भी तेजी आएगी।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगी। साथ ही रुद्रप्रयाग नगर में यातायात का दबाव कम होने से स्थानीय नागरिकों को भी जाम से राहत मिलेगी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना चारधाम यात्रा की आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।