Jul 25, 2026

शहीदों के सपनों को साकार करने का संकल्प, 'जय पहाड़-जय पहाड़ी' के नारों से गूंजा रुद्रप्रयाग,

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उत्तराखंड क्रांति दल ने मनाया 48वां स्थापना दिवस, पलायन-बेरोजगारी समेत जनसरोकारों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का ऐलान,

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) का 48वां स्थापना दिवस शनिवार को रुद्रप्रयाग में पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। "जय पहाड़, जय पहाड़ी" के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस अवसर पर राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सपनों का उत्तराखंड बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूकेडी सैनिक प्रकोष्ठ के बलवीर भरत सिंह राणा ने कहा कि दल का स्थापना दिवस महान स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराखंड के अमर शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीदेव सुमन ने टिहरी रियासत के अत्याचारों के विरुद्ध 84 दिनों तक ऐतिहासिक भूख हड़ताल कर अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका त्याग और संघर्ष आज भी उत्तराखंड की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का अमिट स्रोत है।

यूकेडी के जिला अध्यक्ष बलवीर सिंह चौधरी ने कहा कि लगभग 47 वर्ष पूर्व प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. डी.डी. पंत के नेतृत्व में उत्तराखंड क्रांति दल की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए हजारों आंदोलनकारियों ने संघर्ष किया और अनेक वीरों ने अपने प्राण न्योछावर किए। उन्हीं बलिदानों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के समग्र विकास और जनभावनाओं की रक्षा के लिए संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

यूकेडी के केंद्रीय महामंत्री देवेंद्र चमोली ने कहा कि स्थापना दिवस केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और बलिदान की प्रेरणा का पर्व है। उन्होंने कहा कि श्रीदेव सुमन के संघर्ष से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने अलग राज्य आंदोलन का नेतृत्व किया और लंबे जनसंघर्ष के बाद राज्य निर्माण का सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद भी उत्तराखंड आज पलायन, बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इन जनसरोकारों के मुद्दों पर उत्तराखंड क्रांति दल आगे भी जनता की आवाज बनकर मजबूती से संघर्ष करता रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने राज्यहित, जनहित और उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने की शपथ ली। "जय पहाड़, जय पहाड़ी" के जोशीले नारों के साथ 48वें स्थापना दिवस समारोह का समापन हुआ।