May 31, 2026

केदारनाथ यात्रा में बिछड़ा 7 वर्षीय मासूम, पुलिस ने चंद घंटों में परिजनों से मिलाया,

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रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड पुलिस ने अपनी तत्परता, संवेदनशीलता और मानवता का परिचय देते हुए परिवार से बिछड़े एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे को कुछ ही घंटों में सकुशल खोजकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली और उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त किया।

जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के हिंदबाग निवासी श्रद्धालु आसाराम विश्वकर्मा अपने 7 वर्षीय पोते रुद्र विश्वकर्मा के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। यात्रा मार्ग पर सुविधा के लिए मासूम रुद्र को एक कंडी में बैठाया गया था। इसी दौरान भारी भीड़ और यात्रियों की आवाजाही के बीच कंडी संचालक परिजनों से काफी आगे निकल गया, जिससे बालक अपने परिवार से बिछड़ गया।

पोते के अचानक लापता होने से घबराए परिजन तत्काल गौरीकुंड पुलिस चौकी पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी गौरीकुंड में तैनात हेड कांस्टेबल वीरेंद्र रावत और कांस्टेबल विजय ने तत्काल खोजबीन शुरू कर दी।

पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ और सक्रियता का परिचय देते हुए पूरे यात्रा मार्ग पर डंडी-कंडी संचालकों, स्थानीय लोगों और संबंधित व्यक्तियों से संपर्क स्थापित किया। लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के बाद पुलिस टीम ने संबंधित कंडी संचालक का पता लगाकर मासूम रुद्र को सकुशल बरामद कर लिया।

जब चौकी गौरीकुंड में बच्चे को उसके दादा आसाराम विश्वकर्मा के सुपुर्द किया गया तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों की आंखों में राहत और खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और सहयोगी रवैये की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए पूरी पुलिस टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।

केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए उत्तराखंड पुलिस लगातार मुस्तैदी से कार्य कर रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए भरोसे और सहायता का मजबूत आधार भी है।