चीरबासा में खतरा टालने को पहले ही गिराए पहाड़ी पर अटके पत्थर,, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में लोनिवि ने तेज किया मार्ग सुधारीकरण और चौड़ीकरण का का

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर चीरवासा के समीप भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने संभावित खतरे को कम करने के लिए प्रो-एक्टिव कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरीकुंड से करीब 2.5 किलोमीटर आगे स्थित इस क्षेत्र में पहाड़ी पर अटके ऐसे पत्थरों को पहले ही नीचे गिरा दिया गया, जिनके किसी भी समय मार्ग पर गिरने की आशंका बनी हुई थी। साथ ही, पैदल मार्ग के सुधारीकरण और चौड़ीकरण का कार्य भी लगातार जारी है।

पिछले कुछ दिनों में चीरवासा के समीप भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद लोनिवि की टीमें और श्रमिक मौके पर लगातार कार्य कर रहे हैं। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही भी कराई जा रही है। मौसम साफ होने और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के बाद कार्यदायी संस्था की टीम ने पहाड़ी के ऊपरी हिस्से तक पहुंचकर संभावित खतरे वाले पत्थरों को हटाने की कार्रवाई की।

श्रमिकों की सहायता से पहाड़ी पर अटके पत्थरों को पहले ही नीचे गिरा दिया गया, ताकि मार्ग सुधारीकरण के दौरान कर्मचारियों और श्रमिकों के साथ ही श्रद्धालुओं के आवागमन के समय ऊपर से मलबा अथवा पत्थर गिरने की आशंका को कम किया जा सके। विभाग की ओर से प्रभावित हिस्से में मार्ग को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ उसकी चौड़ाई बढ़ाने का काम भी युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में कार्य के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मौके पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से कराया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि चीरवासा के इस संवेदनशील क्षेत्र को पार करते समय विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने यात्रियों से मौके पर तैनात सुरक्षा बलों और कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है। साथ ही मार्ग सुधारीकरण के दौरान कार्य क्षेत्र में प्रवेश करने या जल्दबाजी में वहां से गुजरने की जिद न करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी श्रद्धालु प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करते हुए ही सुरक्षित तरीके से यात्रा करें।