रुद्रप्रयाग। जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में जनपद में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत संचालित और निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजनाओं की प्रगति एवं संचालन की समीक्षा की गई। शनिवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सभी एसटीपी का संचालन निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद में स्थापित एवं संचालित सभी एसटीपी के मासिक विद्युत बिल, बिजली की खपत और प्रति यूनिट लागत का विवरण प्रत्येक बैठक में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप एसटीपी के संचालन की स्थिति की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान गौरीकुंड में 200 केएलडी एसटीपी, सीतापुर में सुलभ शौचालय के लिए 6 केएलडी एसटीपी, तिलवाड़ा में 100 केएलडी एसटीपी और सोनप्रयाग में 6 केएलडी एसटीपी के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सोनप्रयाग में सुलभ शौचालय के लिए 10 केएलडी एसटीपी और शौचालय ब्लॉक निर्माण की स्थिति भी परखी गई। एडीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूरा करने और परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक में केदारनाथ धाम स्थित एसटीपी के हस्तांतरण एवं उसके समुचित प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। वहीं वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मामले भारत सरकार को पूर्व में ही भेजे जा चुके हैं। इस पर एडीएम ने शेष औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी, सहायक अभियंता पेयजल निगम श्रीनगर शीतल सिंह, एपीई नितिन जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

