पीएम पोषण योजना में लापरवाही पड़ी भारी,

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डीईओ बेसिक ने विद्यालयों को दिए सख्त निर्देश, 

रोजाना कीचन-कम-स्टोर की होगी निगरानी, भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा से समझौता अक्षम्य,

रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत नौनिहालों को परोसे जाने वाले भोजन की सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) एवं पीएम पोषण के नोडल अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, उप शिक्षा अधिकारियों तथा विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी कर कीचन-कम-स्टोर की प्रतिदिन अनिवार्य निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है।

 

डीईओ बेसिक ने स्पष्ट किया कि पीएम पोषण योजना के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि असावधानी के कारण कई बार अप्रिय घटनाएं सामने आती हैं और खाद्य सामग्री तैयार करने में प्रयुक्त बर्तन, उपकरण तथा गैस चूल्हे तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्यालय स्तर पर संस्थाध्यक्ष एवं योजना प्रभारी को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

 

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय के कीचन-कम-स्टोर में साफ-सफाई, गैस चूल्हे, बर्तनों, उपकरणों और खाद्य सामग्री की सुरक्षा व्यवस्था का प्रतिदिन निरीक्षण किया जाए। भोजन माताओं को भी स्वच्छता, सावधानी और सुरक्षा के संबंध में स्पष्ट एवं कड़े निर्देश दिए जाएं। खाना बनाने से पहले बर्तनों और उपकरणों की स्थिति की जांच करने तथा खाद्य सामग्री को सुरक्षित एवं स्वच्छ स्थान पर रखने को अनिवार्य किया गया है।

 

डीईओ बेसिक अजय कुमार चौधरी ने बरसाती मौसम को देखते हुए खाद्य सामग्री के उचित रखरखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नमी, बारिश और अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण खाद्य सामग्री की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए सामग्री की स्वच्छता, गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण में किसी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने खंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों के अनुश्रवण एवं निरीक्षण के दौरान पीएम पोषण योजना के निर्धारित मानकों के साथ-साथ स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी अनिवार्य रूप से जांच की जाए।

 

डीईओ ने कहा कि पीएम पोषण योजना के सफल संचालन में भोजन माताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए उनसे पूरी जवाबदेही के साथ कार्य कराया जाए और भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों को परोसने तक स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

 

उन्होंने दो टूक कहा कि पीएम पोषण योजना के मानकों की अनदेखी किसी भी सूरत में अक्षम्य होगी। नौनिहालों को परोसे जाने वाले पके-पकाए भोजन की स्वच्छता, गुणवत्ता, सुरक्षा और नियमितता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय संस्था की होगी। विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी मिलने पर उसे गंभीरता से लिया जाए।