लामवाड़ में शुरू हुई मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार, छह लाख रुपये की वित्तीय सहायता से स्थापित हुई इकाई,

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हिलास आउटलेट के जरिए बाजार तक पहुंचेंगे स्थानीय मिलेट उत्पाद,

रुद्रप्रयाग। मिलेट यानी मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में जनपद रुद्रप्रयाग में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। ग्रामोत्थान परियोजना की पहल पर जखोली विकासखंड के ग्राम लामवाड़ में मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की गई है। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादित मिलेट के प्रसंस्करण के साथ ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

 

रुद्रप्रयाग जनपद मिलेट उत्पादन के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। विशेषकर जखोली विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में मिलेट का उत्पादन होता है। अब तक स्थानीय स्तर पर उत्पादित मिलेट के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उत्पादकों को अपेक्षित बाजार नहीं मिल पाता था। इसी चुनौती को दूर करने के उद्देश्य से ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से यह पहल की गई है।

 

ग्रामोत्थान परियोजना, रुद्रप्रयाग ने जागृति आजीविका स्वायत्त सहकारिता, लामवाड़ को सीबीओ स्तर के उद्यम के तहत मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए छह लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। यूनिट में स्थानीय मिलेट की पिसाई, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और लेबलिंग का कार्य किया जा रहा है।

 

प्रसंस्करण के बाद तैयार मिलेट उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हिलास आउटलेट के माध्यम से उनका विपणन किया जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलने के साथ ही आजीविका समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को आय के नए साधन उपलब्ध हो रहे हैं।

यह पहल न केवल मिलेट उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में भी सहायक बनेगी। साथ ही ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से गांवों में स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।