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'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' के साथ 63 पार की तैयारी: उत्तराखंड में भाजपा का नया सांगठनिक संकल्प

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उत्तराखंड की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बिसात बिछनी शुरू हो गई है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित एक वृहद और उच्चस्तरीय सांगठनिक बैठक के माध्यम से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अपनी भावी दिशा और चुनावी रणनीति का स्पष्ट संकेत दे दिया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी राम माधव, प्रदेश सह-प्रभारी अरविंद मेनन तथा सांसद बांसुरी स्वराज की गरिमामयी मौजूदगी में हुई इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और प्रभारियों ने अपनी उपस्थिति से चुनावी गर्जना की।

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। शुक्रवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में हुई सांगठनिक बैठक में पार्टी ने आगामी चुनाव के लिए ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ और ‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ का मंत्र दिया। बैठक में संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ कैबिनेट मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी और सह प्रभारी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच अपनी सक्रियता और संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। प्रदेश संगठन महामंत्री फणींद्रनाथ शर्मा ने पहली बार संगठन की इस स्तर की बैठक में पदाधिकारियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को उत्तराखंड में भी ऐसे परिणाम के लिए काम करना होगा, जिसकी चर्चा हो। उन्होंने कहा कि असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र में भाजपा ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और अब उत्तराखंड में भी संगठन को उसी ऊर्जा के साथ काम करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने और चुनावी तैयारी को अभी से धार देने का संदेश दिया। शर्मा ने कहा कि 2027 में बहुमत हासिल करने का लक्ष्य सामने है, लेकिन सामान्य बहुमत को और बड़े जनसमर्थन में बदलने के लिए संगठन की मेहनत महत्वपूर्ण होगी। उनके इस संदेश के केंद्र में बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ता सक्रियता और जनता से निरंतर संपर्क रहा। प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार प्रदेश मुख्यालय पहुंचे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव, प्रदेश सह प्रभारी अरविंद मेनन और सांसद बांसुरी स्वराज का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इसके बाद बैठक में कैबिनेट मंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों तथा जिला प्रभारी और सह प्रभारियों का परिचय कराया गया। प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने 14 सितंबर 2025 से अब तक संगठन की ओर से किए गए कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी गई। मंच पर प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। उन्होंने सरकार के निर्णयों और विकास कार्यों को बूथ स्तर तक पहुंचाने की जरूरत बताई। भट्ट ने कहा कि संगठन को जनता के बीच अपनी उपस्थिति और मजबूत करनी होगी, क्योंकि सरकार और संगठन के कामकाज के मूल्यांकन का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास मॉडल की चर्चा शहरों से लेकर गांवों तक होनी चाहिए। इसके लिए बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने और संगठन की गतिविधियों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई। प्रदेश सह प्रभारी सांसद बांसुरी स्वराज ने अपने संबोधन में युवा और जेन-जी को संगठन से जोड़ने की जरूरत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी की भाषा, शैली और पसंद को समझते हुए कार्यक्रम तैयार करने होंगे, ताकि युवा अधिक संख्या में संगठन से जुड़ सकें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क और कार्यकर्ता संपर्क को प्राथमिकता देने को कहा। स्वराज ने कहा कि अगले चार महीने संगठन के लिए महत्वपूर्ण हैं और सभी कार्यकर्ताओं को पूरी तैयारी के साथ जुटना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में हर कार्यकर्ता की भागीदारी होती है और संगठन में किसी एक व्यक्ति के बजाय सामूहिक प्रयास महत्वपूर्ण है। बांसुरी स्वराज के प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तिलक लगाकर और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। स्वराज ने भी महिलाओं पर फूल बरसाकर आत्मीयता का जवाब दिया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान भी प्रकट किया। जब एक महिला उनके पैर छूने के लिए आगे बढ़ीं तो स्वराज ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मदन कौशिक और रेखा आर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर से प्रदेशभर में चलाए गए विभिन्न अभियानों और अब तक हुए कार्यक्रमों की जानकारी दी। संगठन ने इन अभियानों के जरिए सरकार की योजनाओं और पार्टी की गतिविधियों को आम लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। बैठक के संदेश से साफ है कि भाजपा ने 2027 की तैयारी को केवल चुनावी समय तक सीमित रखने के बजाय संगठन और जनता के बीच लगातार संपर्क का अभियान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बूथ स्तर की सक्रियता, कार्यकर्ताओं का संपर्क और युवाओं के बीच संवाद अब पार्टी की रणनीति के प्रमुख हिस्से रहेंगे।