May 29, 2026

तुंगनाथ-चोपता में मौसम का कहर, तूफान में फँसे यात्रियों का रेस्क्यू, एक यात्री की मौत की सूचना, प्रशासन ने युद्धस्तर पर चलाया राहत अभियान

post-img

 तुंगनाथ-चोपता में मौसम का कहर, तूफान में फँसे यात्रियों का रेस्क्यू,

एक यात्री की मौत की सूचना, प्रशासन ने युद्धस्तर पर चलाया राहत अभियान

 

रूद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। तेज आँधी, तूफान और खराब मौसम के चलते क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्री और स्थानीय लोग रास्तों में फँस गए, जिसके बाद जिला प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

 

जानकारी के अनुसार शुक्रवार सायं करीब 4:17 बजे जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में अचानक आए तूफान और प्रतिकूल मौसम के कारण कई लोग बीच रास्ते में फँस गए हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और डीडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमों को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

 

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और लगातार बिगड़ते मौसम के बीच राहत एवं बचाव दलों ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए अभियान चलाया। डीडीआरएफ टीम ने एक घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर विभागीय वाहन से 108 एम्बुलेंस तक पहुँचाया। इसके बाद घायल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ भेजा गया।

 

घटना में एक यात्री की मौत की सूचना भी सामने आई है। हालांकि प्रशासन की ओर से मृतक की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

 

अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा। कई यात्री सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। वहीं प्रशासन और रेस्क्यू टीमों की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।

 

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने यात्रियों और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

 

गौरतलब है कि इन दिनों तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। ऐसे में अचानक बदलते मौसम ने एक बार फिर पहाड़ों में सतर्कता और सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।