Jun 28, 2026

यूपीसीएल ने पिथौरागढ़ के व्यावसायिक क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर के लिए शत-प्रतिशत अनुपालन पर जोर दिया

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उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर ऊर्जा निगम और उपभोक्ताओं के बीच आर-पार की जंग शुरू हो गई है। शनिवार को नगर के ऐतिहासिक और व्यस्ततम पुराना बाजार क्षेत्र में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब स्मार्ट मीटर लगाने से इंकार करने पर ऊर्जा निगम के दस्ते ने एक साथ दर्जन भर व्यापारियों के बिजली कनेक्शन काट दिए। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया और व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा। हालांकि, चौतरफा विरोध और हंगामे की भनक लगते ही बैकफुट पर आए विभाग ने चार घंटे बाद कुछ कनेक्शन जोड़ दिए, लेकिन देर शाम तक कई दुकानें अंधेरे में डूबी रहीं।

मामला शनिवार सुबह जब ऊर्जा निगम के कर्मचारी और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कारिंदे पुराना बाजार पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से दुकानों में स्मार्ट मीटर लगाने को कहा। व्यापारियों ने दो दिन पहले मिले नोटिस का हवाला देते हुए मीटर लगाने से साफ मना कर दिया। इस बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई। व्यापारियों के अड़ियल रुख को देख निगम के कर्मचारियों ने सख्त रुख अपनाया और देखते ही देखते करीब 12 दुकानों के बिजली के संयोजन (कनेक्शन) काट दिए। शटर डाउन होने के समय बिजली कटने से व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पुराना बाजार के सभासद सुशील खत्री की अगुवाई में दर्जनों व्यापारी मौके पर जमा हो गए और ऊर्जा निगम की इस 'मनमानी' के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए। बिजली काटे जाने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। स्थानीय व्यापारी अभिषेक टम्टा और वर्धन जंग ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "बिना किसी ठोस पूर्व चेतावनी के सुबह-सुबह लाइट काट दी गई। गर्मी के इस मौसम में बिजली गुल होने से फ्रीजर बंद हो गए, जिससे कई दुकानदारों की हजारों रुपये की आइसक्रीम पिघलकर पूरी तरह खराब हो गई।" व्यापारियों का कहना है कि ऊर्जा निगम डिजिटल प्रगति के नाम पर जबरन तानाशाही रवैया अपना रहा है। पिथौरागढ़ नगर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम पिछले एक साल से कछुआ गति से चल रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब से नगर में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से बिजली के बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सामान्य मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर की रीडिंग बहुत तेज भागती है, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है। इसी डर से कई उपभोक्ता और व्यापारी इस मीटर को लगवाने के पक्ष में नहीं हैं। व्यापारियों का आरोप है कि निगम उन पर अनुचित दबाव बना रहा है। व्यापारियों के एकजुट होने और प्रदर्शन की भनक लगते ही ऊर्जा निगम के अधिकारी चौकन्ने हो गए। माहौल बिगड़ता देख करीब चार घंटे बाद विभागीय कर्मचारी दोबारा पुराना बाजार पहुंचे और आनन-फानन में कुछ व्यापारियों के कनेक्शन दोबारा जोड़ दिए। हालांकि, देर शाम तक कई अन्य व्यापारियों के कनेक्शन कटे हुए थे, जिससे बाजार के एक हिस्से में अंधेरा पसरा रहा। इस पूरे घटनाक्रम पर ऊर्जा निगम के आला अधिकारियों ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि यह कार्रवाई किसी मनमानी के तहत नहीं, बल्कि सरकारी आदेशों के पालन में की गई है।