May 06, 2026

बारात दरवाज़े तक पहुंची… लेकिन दुल्हन नहीं मिली, जखोली में प्रशासन का सख्त प्रहार, बाल विवाह मौके पर ध्वस्त

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रुद्रप्रयाग | 

जखोली विकासखंड के जखनौली गांव में मंगलवार शाम एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने साफ कर दिया कि अब बाल विवाह जैसी कुप्रथा के लिए कोई जगह नहीं बची है। एक नाबालिग बालिका की शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी, पौड़ी के कोटद्वार से बारात आने वाली थी, घर सजा था… लेकिन ऐन वक्त पर प्रशासन ने दस्तक दी और सब कुछ थम गया।

 

एक कॉल ने बदल दी पूरी कहानी

दोपहर करीब 3 बजे 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर मिली सूचना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया। सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और पुलिस की संयुक्त टीम तत्काल सक्रिय हो गई।

 

? सीधा एक्शन: दरवाज़े पर पहुंची टीम

शाम 7 बजे टीम सीधे मौके पर पहुंची। माहौल पूरी तरह शादी का था, लेकिन टीम ने बिना किसी देरी के कड़ी कार्रवाई करते हुए बाल विवाह को मौके पर ही रुकवा दिया।

 

❌ दबाव, प्रलोभन… सब बेअसर

कार्रवाई के दौरान टीम को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की गई — दबाव डाला गया, प्रलोभन दिए गए — लेकिन टीम अपने कर्तव्य से एक इंच भी नहीं डिगी।

 

⚖️ कानून का कड़ा संदेश

अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी —

? “18 वर्ष से पहले शादी कराना अपराध है, और इसमें शामिल हर व्यक्ति पर FIR दर्ज होगी।”

? बारात लौटी, बच गया एक बचपन

रात करीब 10 बजे कोटद्वार से आई बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।

? 3 घंटे की काउंसलिंग के बाद झुके दोनों पक्ष

लगातार समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने लिखित में सहमति दी कि बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह किया जाएगा।

 

? इनकी तत्परता बनी ढाल

इस अभियान में चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और पुलिस विभाग के अधिकारियों की अहम भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से एक मासूम का भविष्य अंधकार में जाने से बच गया।

 

? प्रशासन का सख्त रुख जारी

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि जनपद में बाल विवाह के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी हाल में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

? समाज के लिए कड़ा संदेश

? बाल विवाह पर अब सीधा प्रहार

? कानून सख्त, प्रशासन और भी सख्त

? अब नहीं छिनेगा किसी बेटी का बचपन

? ये सिर्फ एक कार्रवाई नहीं… एक चेतावनी है!

? अब हर बेटी सुरक्षित — बाल विवाह के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी!