रुद्रप्रयाग। जनपद के दो प्रमुख सरकारी महाविद्यालयों में व्याप्त शैक्षणिक अव्यवस्थाओं और आधारभूत सुविधाओं के अभाव का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। रुद्रप्रयाग विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने उत्तराखंड सचिवालय में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए दोनों महाविद्यालयों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
मोहित डिमरी ने राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग तथा राजकीय डिग्री कॉलेज जखोली में लंबे समय से चली आ रही शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को विस्तार से रखते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से जवाड़ी में नया महाविद्यालय भवन बनने के बावजूद आज भी कॉलेज का संचालन दो अलग-अलग परिसरों से किया जा रहा है। इससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को प्रतिदिन अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्य प्रशासनिक कार्यालय, पुस्तकालय एवं प्राचार्य कार्यालय अभी भी पुराने परिसर में संचालित हो रहे हैं, जबकि शासन पूर्व में सभी कक्षाओं और कार्यालयों को जवाड़ी परिसर में स्थानांतरित करने के निर्देश जारी कर चुका है। दो परिसरों के संचालन से सरकारी संसाधनों का अनावश्यक उपयोग भी हो रहा है।
इसके अलावा महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, स्किल कोर्स और विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभावी संचालन का अभाव, विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक प्रशिक्षण में आ रही कठिनाइयों तथा जवाड़ी परिसर तक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
राजकीय डिग्री कॉलेज जखोली के संबंध में ज्ञापन में स्नातक स्तर पर विज्ञान संकाय (बीएससी) शुरू करने के साथ ही हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, भूगोल, अर्थशास्त्र, इतिहास और समाजशास्त्र विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित करने की मांग की गई। साथ ही दोनों महाविद्यालयों की समस्याओं की उच्चस्तरीय जांच कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का अनुरोध भी किया गया।
उच्च शिक्षा सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अब जिले के हजारों छात्र-छात्राओं की निगाहें शासन के निर्णय पर टिकी हैं कि इन मांगों पर अमल कब तक हो पाता है।