ओंकारेश्वर मंदिर में स्थायी नियुक्ति समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा था आंदोलन, अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जूस पिलाकर अनशन कराया समाप्त,
ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) में वर्षों से परंपरागत दायित्वों का निर्वहन कर रहे हक-हकूकधारी बाजीगर समाज का ओंकारेश्वर मंदिर में चल रहा आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। स्थायी नियुक्ति समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भूख-हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों से बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने वार्ता की और मांगों पर नियमानुसार सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अध्यक्ष के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने भूख-हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। बीकेटीसी अध्यक्ष ने स्वयं आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
हक-हकूकधारी बाजीगर समाज के लोग लंबे समय से बदरी-केदार मंदिर समिति के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं पारंपरिक व्यवस्थाओं में अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। समाज की ओर से स्थायी नियुक्ति समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शासन-प्रशासन और मंदिर समिति के समक्ष कई बार मांग उठाई गई थी। मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराज समाज के लोगों ने ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में भूख-हड़ताल शुरू कर दी थी।
भूख-हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों का कहना था कि बाजीगर समाज का बदरी-केदार मंदिरों की धार्मिक एवं पारंपरिक व्यवस्थाओं से वर्षों पुराना संबंध रहा है। समाज के लोग लंबे समय से मंदिरों में अपने परंपरागत दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति समेत अन्य मांगों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने वर्षों से दी जा रही सेवाओं को देखते हुए समाज के लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने और लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
आंदोलन की जानकारी मिलने पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से सीधे वार्ता कर उनकी मांगों को सुना और पूरे प्रकरण की जानकारी ली। अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि बाजीगर समाज की मांगों पर नियमानुसार गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा उनके हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके बाद हेमंत द्विवेदी ने आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर भूख-हड़ताल समाप्त कराई।
इस दौरान केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, मंदिर समिति उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, मंदिर समिति सदस्य प्रह्लाद पुष्पाण, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट समेत बाजीगर समाज के लोग और ग्रामीण मौजूद रहे।