Feb 08, 2026

नोटिस, जुर्माना सब दिखावा, पहाड़ कटता रहा, सिस्टम सोता रहा, केदारनाथ हाईवे के तिलवाड़ा में एनएच पर ‘लूट की कटिंग,

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केदारनाथ हाईवे पर खुलेआम नियमों की हत्या, प्रशासन की चुप्पी से जनता में उबाल,

पहाड़ कटता रहा, नोटिस उड़ता रहा, और प्रशासन देखता रहा

रुद्रप्रयाग।

तिलवाड़ा क्षेत्र में केदारनाथ नेशनल हाईवे के किनारे हो रही अवैध पहाड़ कटाई अब केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि एक सुनियोजित लूट और पर्यावरणीय अपराध बन चुकी है। आरोप है कि एक तथाकथित ठेकेदार द्वारा हाईवे किनारे नियमों को रौंदते हुए पहाड़ काटा गया। लोगों से मोटी रकम वसूली गई और सब कुछ एनएच विभाग व प्रशासन की नाक के नीचे चलता रहा।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभागीय नोटिस के बाद भी कटिंग जारी रही, जिससे साफ संकेत मिलता है कि कार्रवाई सिर्फ कागज़ों में हुई, ज़मीन पर नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो हाईवे से तय दूरी का पालन हुआ और न ही पर्यावरणीय बफर ज़ोन की कोई परवाह की गई। भारी मशीनों की दिन-रात गड़गड़ाहट से सड़क की संरचना कमजोर हो रही है। धूल और मलबे से दृश्यता घट रही है और भूस्खलन का खतरा कई गुना बढ़ गया है। हिमालय जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की अंधाधुंध कटाई सीधे-सीधे जनजीवन से खिलवाड़ है।

 

 

नोटिस दिया, पर ठेकेदार को खुली छूट क्यों?

रूद्रप्रयाग। एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता द्वारा कार्य रोकने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन जमीन पर उसका कोई असर नहीं दिखा।

लोगों का सवाल है कि “अगर कटिंग अवैध थी तो वह रुकी क्यों नहीं? और अगर वैध थी, तो नोटिस क्यों?” 

अतिक्रमण हटाओ अभियान, अवैध कटाई पर मौन क्यों?

रूद्रप्रयाग। दिसंबर 2025 में तिलवाड़ा व अगस्त्यमुनि बाजार में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई, लेकिन हाईवे किनारे हो रही इस अवैध पहाड़ कटाई पर वही प्रशासन बेबस क्यों नज़र आया? स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां अन्य क्षेत्रों में 24 मीटर कटिंग मानक लागू है, वहीं तिलवाड़ा में 14 मीटर तक मनमानी कटिंग की गई।

 

जुर्माना लगा, पर जवाबदेही तय नहीं

रूद्रप्रयाग। एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने ठेकेदार का एनओसी निरस्त कर 2,05,178.06 का जुर्माना लगाने की बात कही है।

लेकिन जनता का सवाल साफ है कि “क्या पहाड़ काटने की कीमत सिर्फ दो लाख है?” आखिर “जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई कब होगी। 

 

गंभीर आरोप: वसूली का खेल, सिस्टम मौन,

रूद्रप्रयाग। स्थानीय निवासी भगत चौहान का आरोप है कि ठेकेदार ने अवैध कटिंग के नाम पर लोगों से मोटी वसूली की और मानकों की धज्जियां उड़ाईं। एनएच विभाग, तहसील और जिला प्रशासन की चुप्पी ने ठेकेदार के हौसले और बुलंद कर दिए।