ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश, वन विभाग से मुआवजा व पिंजरा लगाने की मांग,
खेती के बाद अब पशुपालन पर भी संकट, जंगली जानवरों से दोहरी मार,
रुद्रप्रयाग। जनपद में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। विकासखंड अगस्त्यमुनि के दूरस्थ ग्राम ढुंग में गुरुवार रात गुलदार ने भारी तबाही मचाते हुए दो पशुपालकों की 17 बकरियों को मार डाला। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात गुलदार ने ग्राम ढुंग निवासी दिगपाल सिंह नेगी और सज्जन सिंह नेगी के बकरी बाड़े पर धावा बोल दिया। गुलदार ने एक के बाद एक कुल 17 बकरियों को मौत के घाट उतार दिया। सुबह जब पशुपालक बाड़े में पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। बाड़े में चारों ओर लहूलुहान बकरियां पड़ी हुई थीं। इस हमले से दोनों परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर बंदर, जंगली सूअर और लंगूर खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गुलदार अब पालतू जानवरों को निशाना बना रहा है। ग्रामीणों के अनुसार खेती पहले ही जंगली जानवरों की भेंट चढ़ चुकी है और अब पशुपालन भी असुरक्षित हो गया है, जिससे लोगों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए तथा गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाकर गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से अक्सर केवल खानापूर्ति की जाती है, जबकि जंगली जानवरों के आतंक से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रजत सुमन ने बताया कि विभागीय टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर क्षति का आंकलन लिया गया है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे और पिंजरे लगाए जाएंगे तथा क्षेत्र में गश्त भी बढ़ाई जाएगी।