Aug 21, 2026

मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल से युवाओं को स्वरोजगार का संदेश, न्याय पंचायत स्तर तक पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी,,

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आईसी वैन को किया फ्लैग ऑफ, स्वयं सहायता समूहों की उद्यमी महिलाओं को किया सम्मानित,,

रुद्रप्रयाग। विकास भवन सभागार में शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत चौपाल-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के युवाओं, स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को उद्यम स्थापित करने, उसे आगे बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना रहा।

 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की आईसी वैन को फ्लैग ऑफ किया गया। यह वैन जिले की विभिन्न न्याय पंचायतों में पहुंचकर ग्रामीणों, युवाओं और उद्यमियों को स्वरोजगारपरक योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, अनुदान और सब्सिडी सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना है।

 

इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न उद्यम संचालित कर आजीविका अर्जित कर रही महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महिला समूहों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समूहों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी उद्यमिता से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

 

वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप स्थानीय स्तर पर ही रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलें। इसके लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को आपस में जोड़कर पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ पहुंचाया जा रहा है।

 

चौपाल में विभिन्न विभागों एवं संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभागियों को स्वरोजगारपरक योजनाओं, बैंक ऋण, प्रशिक्षण, अनुदान, सब्सिडी तथा उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों ने प्रतिभागियों की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा स्थानीय उद्यमियों एवं युवाओं की समस्याएं और सुझाव भी सुने।

 

केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पहाड़ के युवाओं को रोजगार की तलाश में पलायन करने के बजाय स्थानीय स्तर पर उद्यम स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्थानीय लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

 

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ना और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हरसंभव सहयोग करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की जानकारी जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि न्याय पंचायत और ग्राम स्तर तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग लाभान्वित हो सकें।

 

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, सीमांत अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, इनक्यूबेशन मैनेजर भरत सिंह बिष्ट, परियोजना प्रबंधक रीप सरिता जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।