रुद्रप्रयाग।जनपद में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और स्वास्थ्य केंद्रों की जर्जर स्थिति को लेकर रुद्रप्रयाग विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने स्वास्थ्य महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को विस्तार से उनके सामने रखा और समाधान की मांग को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
मोहित डिमरी ने कहा कि पर्वतीय जनपद रुद्रप्रयाग में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। जिला चिकित्सालय के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि और जखोली में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। इसका सीधा असर जनपद की ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जनता पर पड़ रहा है।
उन्होंने जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और जनरल सर्जन सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि महिला मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए पर्याप्त स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। वर्तमान व्यवस्था जनपद की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। इसी प्रकार बाल रोग विशेषज्ञों की संख्या भी बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।
रेडियोलॉजिस्ट की कमी से प्रभावित हो रही जांच सेवाएं
मोहित डिमरी ने जनपद में रेडियोलॉजी सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूरे जनपद में रेडियोलॉजिस्ट की संख्या आवश्यकता की तुलना में बेहद कम है। एक ही चिकित्सक पर अत्यधिक कार्यभार होने के कारण मरीजों को अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचों के लिए परेशान होना पड़ता है।
उन्होंने जनपद में पर्याप्त संख्या में रेडियोलॉजिस्ट एवं सोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने तथा प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड सेवाओं को नियमित रूप से संचालित करने की मांग की।
अगस्त्यमुनि में रोजाना करीब 400 की ओपीडी, फिर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव
अगस्त्यमुनि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति का उल्लेख करते हुए मोहित डिमरी ने कहा कि यहां प्रतिदिन लगभग 400 मरीजों की ओपीडी होने के बावजूद आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन और सोनोलॉजिस्ट जैसे महत्वपूर्ण विशेषज्ञों की कमी है। सोनोलॉजिस्ट उपलब्ध न होने के कारण अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी ओपीडी वाले स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त तैनाती बेहद जरूरी है, ताकि मरीजों को छोटी-छोटी जांच और उपचार के लिए जिला मुख्यालय या दूसरे शहरों की ओर रेफर न होना पड़े।
जखोली सीएचसी में न विशेषज्ञ डॉक्टर, न चालू अल्ट्रासाउंड
मोहित डिमरी ने हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली का निरीक्षण कर वहां की स्थिति का भी जायजा लिया था। उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशक को बताया कि जखोली सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की गंभीर कमी है।
उन्होंने विशेष रूप से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, सामान्य सर्जन, मेडिसिन विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ तथा रेडियोलॉजी/इमेजिंग सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों की नियुक्ति की मांग की।
उन्होंने कहा कि जखोली में उपलब्ध अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी है। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड जांच बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में मशीन उपलब्ध होने के बावजूद विशेषज्ञ के अभाव में सेवा का संचालन न होना गंभीर समस्या है।
40 वर्ष पुराना जर्जर भवन, बारिश में टपकती है छत
मोहित डिमरी ने जखोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि लगभग 40 वर्ष पुराने भवन में जगह-जगह पानी का रिसाव और सीलन है तथा बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के कर्मचारियों के लिए बने आवासीय भवनों की स्थिति भी खराब है। जब स्वास्थ्य केंद्र का भवन ही सुरक्षित नहीं होगा तो मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को बेहतर वातावरण कैसे मिल सकता है।
उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशक से भवन की तकनीकी जांच कराकर पुराने भवन को डिस्मेंटल कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन का निर्माण कराने की मांग की।
108 एम्बुलेंस और नर्सिंग स्टाफ का मुद्दा भी उठाया
मोहित डिमरी ने जनपद में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई एम्बुलेंसों की स्थिति खराब है, जबकि पर्वतीय जनपद में आपातकालीन परिवहन व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने जिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ नर्सिंग कर्मियों का वेतन रुद्रप्रयाग से निर्गत होने के बावजूद उनकी सेवाएं अन्य स्थानों पर लिए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे मामलों की समीक्षा कर वास्तविक आवश्यकता वाले स्थानों पर कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कोटेश्वर अस्पताल तक मरीजों के लिए वाहन की मांग
मोहित डिमरी ने जिला चिकित्सालय की ओपीडी से मरीजों को कोटेश्वर अस्पताल के वार्ड में भर्ती के लिए भेजे जाने की स्थिति में परिवहन सुविधा की कमी का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय से कुछ ही दूरी पर स्थित अस्पताल तक मरीजों को ले जाने के लिए पर्याप्त वाहन व्यवस्था नहीं होने से गंभीर और गरीब मरीजों को परेशानी होती है। उन्होंने इसके लिए समर्पित एम्बुलेंस अथवा मरीज परिवहन वाहन उपलब्ध कराने की मांग की।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने दिया जल्द कार्रवाई का आश्वासन
मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक ने मोहित डिमरी द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना। मोहित डिमरी ने बताया कि स्वास्थ्य महानिदेशक ने जल्द ही आवश्यक डॉक्टरों की तैनाती करने तथा अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
मोहित डिमरी ने कहा कि रुद्रप्रयाग की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि जनहित और मानव जीवन से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ के लोगों को इलाज के लिए देहरादून, ऋषिकेश, श्रीनगर या अन्य शहरों की ओर जाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। जिला मुख्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सक, जांच सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो जनहित में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
मोहित डिमरी ने कहा, “रुद्रप्रयाग की जनता के स्वास्थ्य के अधिकार के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। जब तक जनपद में आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सक, जांच सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती, तब तक हम इस मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे।”