जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही और सख्ती का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री के काफिले के लिए सड़क खाली कराने के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक महिला का ठेला पलट दिया, जिससे उस पर रखे बड़े बर्तन का खौलता हुआ पानी महिला के शरीर पर गिर गया। इस हादसे में महिला गंभीर रूप से झुलस गई। पीड़िता की शिकायत पर रामनगरिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार प्रताप नगर निवासी 30 वर्षीय खुशबू गुप्ता ने रामनगरिया थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी छोटी बहन रेशु गुप्ता जगतपुरा महल रोड पर ठेला लगाकर अपना व्यवसाय करती है। 19 जून की शाम करीब 6ः45 बजे मुख्यमंत्री का काफिला उस मार्ग से गुजरने वाला था, जिसके चलते पुलिस सड़क को खाली करा रही थी।
कुछ मिनट का समय मांगा, लेकिन नहीं सुनी बात
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद ठेले और अन्य सामान तुरंत हटाने के निर्देश दिए। इस दौरान खुशबू और उसकी बहन ने पुलिस से अनुरोध किया कि उन्हें कुछ मिनट का समय दिया जाए, क्योंकि ठेले पर बड़े बर्तन में खौलता हुआ पानी रखा हुआ था और उसे सुरक्षित तरीके से हटाना जरूरी था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया और जल्दबाजी में ठेला हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान ठेला पलट गया और बर्तन में रखा उबलता पानी रेशु गुप्ता के शरीर पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया गया। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस कुछ मिनट का समय दे देती तो यह हादसा टाला जा सकता था। पीड़ित परिवार ने घटना के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
रामनगरिया थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका, घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीआईपी मूवमेंट पर फिर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर वीआईपी मूवमेंट के दौरान अपनाई जाने वाली व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस जांच रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।