रतूड़ा में 48.84 करोड़ से बनेगा भव्य राज्य अतिथि गृह,
पर्वतीय जरूरतों के अनुरूप होगा निर्माण,
आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल से लेकर पर्यावरणीय मानकों तक पर जोर,
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त राज्य अतिथि गृह की सौगात मिलने जा रही है। रतूड़ा में करीब 48.84 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह को पर्वतीय क्षेत्र की जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। भवन केवल विशिष्ट अतिथियों के ठहरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक प्रशासनिक संवाद और बैठकों के लिए भी उपयोगी बनाया जाएगा। सचिव राज्य संपत्ति एवं आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना के विस्तृत आगणन और निर्माण कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसके स्वरूप को आधुनिक, उपयोगी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के निर्देश दिए गए।
रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण के लिए 4884.20 लाख रुपये का विस्तृत आगणन तैयार किया गया है। बैठक में सचिव ने कहा कि सरकारी भवनों का निर्माण महज ढांचागत विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए। भवनों में आधुनिक सुविधाओं के साथ कम रखरखाव लागत, बेहतर उपयोगिता और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अतिथि गृह का कॉन्फ्रेंस हॉल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें मजबूत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था, बड़े आकार के फ्लैट स्क्रीन टीवी और अन्य आवश्यक तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे। इससे पर्वतीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकें, सरकारी संवाद और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। सचिव ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि एनजीटी के मानकों के अनुरूप निर्माण स्थल की नदी से न्यूनतम 200 मीटर दूरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही नियमानुसार प्रमाण-पत्र अभिलेखों में सुरक्षित रखने को कहा गया है।
मुख्य प्रवेश द्वार और केंद्रीय भवन पर आकर्षक एवं बड़े आकार का लोगो स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को भवन की डिजाइन और निर्माण में स्थानीय परिस्थितियों, पर्यावरणीय मानकों तथा दीर्घकालिक उपयोगिता को प्राथमिकता देने को कहा गया है। परियोजना पूरी होने पर यह अतिथि गृह रुद्रप्रयाग में राज्यस्तरीय आवासीय एवं प्रशासनिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।

