Jun 18, 2026

भारत की प्राचीन परंपरा को मिला वैश्विक सम्मान: देवभूमि में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की धूम

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देहरादून। आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' को लेकर देवभूमि उत्तराखंड में तैयारियां अपने चरम पर हैं। इसी कड़ी में एक अनुकरणीय पहल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार सुबह अपने शासकीय आवास पर शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस विशेष योग सत्र के जरिए मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश को निरोग, ऊर्जावान और संतुलित जीवन जीने का एक मजबूत संदेश दिया है।

सुबह की शांत बेला में आयोजित इस सत्र में मुख्यमंत्री ने स्वयं विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। उनके साथ मौजूद प्रशासनिक अमले ने भी पूरी तन्मयता के साथ योग क्रियाओं को दोहराया। योगाभ्यास के उपरांत उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में भारत की इस प्राचीन और अमूल्य धरोहर को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान, अभूतपूर्व सम्मान और वैज्ञानिक स्वीकृति मिली है। आज योग किसी एक देश या संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों लोग इसे शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और समग्र कल्याण (वेलनेस) के सबसे प्रभावी माध्यम के रूप में अपना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि योग को केवल शारीरिक व्यायाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच और जीवन में बेहतरीन संतुलन स्थापित करने का एक सशक्त आध्यात्मिक माध्यम है। भागदौड़ और तनाव से भरी आधुनिक जीवनशैली में योग ही व्यक्ति को तनावमुक्त और भीतर से ऊर्जावान बनाए रखने की प्रेरणा देता है। सीएम ने कहा "मेरा सभी प्रदेशवासियों से आग्रह है कि योग को केवल एक दिन के उत्सव के रूप में न मनाएं, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाएं। जब हर नागरिक स्वस्थ होगा, तभी हमारा उत्तराखंड भी समृद्ध और प्रगतिशील बनेगा। मुख्यमंत्री ने आगामी 21 जून को होने वाले मुख्य आयोजनों की समीक्षा करते हुए प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। सरकार का प्रयास है कि योग को राज्य के दूरदराज के गांवों और जन-जन तक पहुंचाया जाए। शासन स्तर पर सभी जिला मुख्यालयों, पर्यटन स्थलों और चारधाम यात्रा मार्गों पर भी योग दिवस के भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।