रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ धाम की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए बीकेटीसी ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बीकेटीसी के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मोबाइल के अनियंत्रित उपयोग से मंदिर की आध्यात्मिक शांति प्रभावित हो रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोई भी श्रद्धालु मंदिर के भीतर मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा। परिसर में फोटो खींचना, वीडियो बनाना या सोशल मीडिया के लिए रील बनाना’’ पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
रुद्रप्रयाग। मंदिर प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों से अपील की है कि वे धाम की गरिमा और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करें। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से दर्शनार्थियों को बिना किसी व्यवधान के एक दिव्य और शांतिपूर्ण वातावरण प्राप्त होगा, जिससे उनकी आध्यात्मिक यात्रा और भी सुगम हो सकेगी।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य मंदिर की प्राचीन मर्यादा को सुरक्षित रखना है। हम चाहते हैं कि श्रद्धालु जब धाम आएं, तो उनका ध्यान केवल भक्ति और दर्शन पर हो, न कि सोशल मीडिया और फोटोग्राफी पर - विनीत पोस्ती, सदस्य, मंदिर समिति
क्यों जरूरी था यह कदम?
रुद्रप्रयाग। पिछले कुछ समय से केदारनाथ धाम से ऐसे कई वीडियो वायरल हुए थे, जिससे तीर्थ की गरिमा को ठेस पहुँच रही थी। साथ ही, रील बनाने और फोटो खींचने की होड़ के कारण दर्शन की कतारों में भी अनावश्यक देरी होती थी। नए नियमों के लागू होने से अब भीड़ प्रबंधन में भी सुधार होने की उम्मीद है।