वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर भी दिया जवाब, बोले— "1100 रुपये में पारदर्शी व्यवस्था, लूट का खेल किया खत्म"
रुद्रप्रयाग। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच समिति ने पहली बार आक्रामक रुख अपनाया है। बीकेटीसी के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने एक साथ चढ़ावा चोरी, मंदिर समिति पर लग रहे आरोपों और वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा जवाब देते हुए कहा कि दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई जारी है, लेकिन कुछ लोग इस घटना की आड़ में मंदिर समिति और सनातन आस्था को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं।
विजय कप्रवाण ने कहा कि चढ़ावा चोरी के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों के भ्रामक बयान देकर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "घोर कलयुग चल रहा है, लेकिन सनातन धर्म और भगवान बद्री विशाल को बदनाम करने वालों को भगवान कभी माफ नहीं करेंगे। जो लोग निराधार आरोप लगाकर भ्रम फैला रहे हैं, उनके मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।"
उपाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को कुछ लोग मंदिर समिति अध्यक्ष का निजी सचिव बता रहे हैं, वह वास्तव में बीकेटीसी का नियमित कर्मचारी है। नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत देहरादून में लंबे समय से तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस वर्ष बद्री-केदार धाम की व्यवस्थाओं में लगाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इसी दौरान विजय कप्रवाण ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष और आलोचकों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से मनमानी वसूली और अव्यवस्था की शिकायतें आती थीं, लेकिन समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के नेतृत्व में व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया। अब मात्र 1100 रुपये में अधिकृत वीआईपी पर्ची उपलब्ध कराकर श्रद्धालुओं को राहत दी जा रही है और कथित लूट की व्यवस्था समाप्त की गई है।
उन्होंने कहा कि मंदिर समिति पर आरोप लगाने वाले पहले समिति के कार्यों और तथ्यों को समझें। उन्होंने बताया कि वर्तमान समिति में एक ऐसे सदस्य भी हैं जिन्होंने न केवल टीए-डीए लेने से इनकार किया, बल्कि कपाटोद्घाटन के अवसर पर एक करोड़ एक लाख रुपये का दान भगवान बद्री विशाल और बाबा केदार के चरणों में समर्पित किया। इसके अलावा वह पिछले कई वर्षों से लगातार लाखों रुपये का दान करते आ रहे हैं।
विजय कप्रवाण ने कहा कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की सुविधा, पारदर्शिता और धार्मिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच पूरी होने तक अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करें।