सीएम पुष्कर सिंह धामी का जन-समस्याओं के प्रति संवेदनशील और सख्त रवैया एक बार फिर धरातल पर नजीर बना है। हरिद्वार के शिकारपुर लंढौरा में पिछले लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रही गीता और उनके पड़ोसियों के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एक वरदान साबित हुई। सीएम धामी की सीधी फटकार और स्पष्ट निर्देशों का ही नतीजा है कि जिस समस्या से पूरी कॉलोनी लंबे समय से परेशान थी, उसका निस्तारण महज कुछ ही घंटों के भीतर कर दिया गया।
मुख्यमंत्री धामी की सख्ती और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा का असर जमीन पर दिखाई दिया है। हरिद्वार के शिकारपुर लंढौरा स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना की कॉलोनी में लंबे समय से कम दबाव के कारण पेयजल संकट झेल रही गीता और अन्य कॉलोनीवासियों को अब नियमित रूप से नल से पानी मिलने लगा है। मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए जाने के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की और नई पानी की टंकी से पेयजल आपूर्ति शुरू करा दी। दरअसल, सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा की थी। इस दौरान शिकारपुर लंढौरा की रहने वाली गीता की पेयजल समस्या भी सामने आई। मुख्यमंत्री ने गीता से सीधे बातचीत कर समस्या की जानकारी ली और अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने मंगलवार को शिकारपुर लंढौरा पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गीता के आवास पर पहुंचकर पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया और कॉलोनी में पानी की उपलब्धता की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि गीता के घर के साथ ही पूरी कॉलोनी में अब पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से हो रही है। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित कॉलोनी में पहले अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा था। पेयजल लाइन में कम दबाव होने के कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा था। इससे कॉलोनीवासियों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कॉलोनी में नवनिर्मित पानी की टंकी से पेयजल आपूर्ति शुरू की गई। समीक्षा के बाद सोमवार शाम से ही शिकायतकर्ता गीता सहित अन्य कॉलोनीवासियों के लिए नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई। प्रशासन ने केवल शिकायतकर्ता के घर तक पानी पहुंचाने के बजाय पूरी कॉलोनी की व्यवस्था को दुरुस्त किया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कॉलोनीवासियों की पानी की टंकियों में पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश दिए, ताकि दोबारा कम दबाव या आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्या सामने न आए। पानी की समस्या दूर होने के बाद गीता और कॉलोनीवासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा जिला प्रशासन का आभार जताया। प्रशासन की ओर से शिकायत के समाधान की पूरी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा अब केवल शिकायतों की सूची तक सीमित नहीं रह गई है। प्रत्येक सोमवार को जिला और राज्य स्तर पर शिकायतों की समीक्षा की जा रही है। 14 सितंबर को भी मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की थी। शिकारपुर लंढौरा की घटना इसी व्यवस्था में शिकायत से समाधान तक प्रशासनिक कार्रवाई का उदाहरण बनकर सामने आई है।

