प्रशासन ने संभाला मोर्चा,
सुव्यवस्थित दर्शन के लिए एंट्री और एग्जिट के अलग द्वार निर्धारित,
रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से लागू की गई टोकन व्यवस्था यात्रा को सुचारु बनाने में गेम-चेंजर साबित हो रही है। इस व्यवस्था के कारण अत्यधिक भीड़ के बावजूद श्रद्धालु बिना किसी अफरा-तफरी के धैर्यपूर्वक बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं।
यात्रा को सुरक्षित और सरल बनाने के लिए प्रशासन ने 21 अप्रैल से ही टोकन सिस्टम लागू कर दिया था। इसके तहत प्रत्येक श्रद्धालु को एक निर्धारित समय दिया जा रहा है, जिससे मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पूरी तरह नियंत्रित है। प्रशासन की इस सख्ती और बेहतर प्रबंधन के चलते धाम परिसर में कहीं भी अनियंत्रित भीड़ की स्थिति पैदा नहीं हो रही है।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। पहले ही दिन करीब 38 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर मत्था टेका। श्रद्धालुओं की इस भारी संख्या को देखते हुए पुलिस, प्रशासन बीकेटीसी के बीच सटीक समन्वय देखने को मिल रहा है। भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने बताया कि धाम में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, “शुरुआती चरण में ही श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक है, इसलिए सभी को टोकन के अनुसार कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं।“ धाम परिसर में चिकित्सा, सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त टीमें तैनात की गई हैं।